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### बेमौसम बारिश ने फिर से बढ़ाई किसानों की चिंता
हाल ही में देश के कई राज्यों में बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इस वर्ष मानसून की शुरुआत के साथ ही किसानों ने उम्मीद जताई थी कि उनकी फसलें अच्छी होंगी, लेकिन इस बारिश ने उनकी आशाओं पर पानी फेर दिया है।
किसानों का कहना है कि इस अप्रत्याशित बारिश ने उनकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे प्रमुख कृषि राज्यों में धान, गेंहू और सब्जियों की फसलें प्रभावित हुई हैं। स्थानीय कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति बनी रही, तो इसका सीधा असर न केवल किसानों की आय पर पड़ेगा, बल्कि बाजार में खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है।
पिछले कुछ वर्षों में, मौसम के ऐसे अचानक बदलाव किसानों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। विशेष रूप से, छोटे और मझोले किसान जो हर साल मौसम के अनुकूल कृषि करने की कोशिश करते हैं, वे इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। बेमौसम बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है, और कई किसानों को अब कर्ज चुकाने में भी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।
कृषि मंत्रालय ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसल की स्थिति पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर स्थानीय अधिकारियों से मदद लें। लेकिन कई किसानों का कहना है कि यह सब सलाहें तब तक बेकार हैं जब तक उनके पास फसल के नुकसान की भरपाई के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
किसानों की इस चिंता के बीच, सरकार ने राहत पैकेज देने की बात की है। हालांकि, किसानों का मानना है कि यह कदम केवल दीर्घकालिक समाधान के लिए नहीं है। उन्हें स्थायी उपायों की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटा जा सके।
इस प्रकार, बेमौसम बारिश ने एक बार फिर से किसानों की परेशानी बढ़ा दी है, और यह स्थिति आने वाले दिनों में और गंभीर हो सकती है। सभी की नजरें अब इस बात पर होंगी कि सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए क्या कदम उठाती है और किसान अपनी फसल को पुनः स्थिर करने में कैसे सफल हो पाते हैं।



