एशिया-प्रशांत बाजारों का मिश्रित रूप से खुलने का अनुमान है, क्योंकि मजबूत अमेरिकी नौकरी के आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर पड़ी हैं।

### दिल्ली में मौसम की मार: बारिश ने जनजीवन को किया प्रभावित
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश ने शहर के जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस वर्ष की बारिश ने पिछले रिकॉर्डों को तोड़ दिया है, जो शहर के निवासियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
बीते 48 घंटों में हुई मूसलधार बारिश ने कई क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति पैदा कर दी है। खासकर, उत्तरी दिल्ली के कुछ हिस्सों में सड़कों पर पानी भर जाने के कारण यातायात में भारी रुकावट आई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस बारिश ने न केवल उनकी दिनचर्या को बाधित किया है, बल्कि कई लोगों के लिए यह एक कठिनाई का कारण भी बनी है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बारिश के कारण विभिन्न स्थानों पर बिजली की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कई इलाकों में बिजली कटौती की शिकायतें आई हैं, जिससे लोगों को गर्मी और उमस के बीच कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जल निकासी प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।
इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी इस मौसम के कारण प्रभावित हुई है। कई शिक्षण संस्थानों ने बारिश के चलते छुट्टियां घोषित कर दी हैं, जिससे छात्रों के लिए परीक्षा की तैयारी में बाधा उत्पन्न हो रही है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आवश्यक काम के लिए ही घर से बाहर निकलें और बारिश के दौरान सतर्क रहें। स्वास्थ्य विभाग ने भी बाढ़ के बाद की बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने का काम शुरू किया है।
इस बीच, मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में, दिल्लीवासियों को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियों के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।
इस गंभीर स्थिति के बावजूद, दिल्लीवासी एकजुटता के साथ इस चुनौती का सामना कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों ने राहत कार्यों की शुरुआत की है, ताकि प्रभावित लोगों की मदद की जा सके। यह संकट न केवल एक मौसम की समस्या है, बल्कि यह शहर की बुनियादी ढांचे की चुनौतियों को भी उजागर करता है।
दिल्ली की जनता को उम्मीद है कि सरकारी संस्थाएं इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देंगी और भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए प्रभावी उपाय करेंगी।



