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कोरवीव स्टॉक में गिरावट, तिमाही राजस्व मार्गदर्शन ने निराश किया कोरवीव के शेयरों में गिरावट आई है क्योंकि कंपनी ने अपनी तिमाही राजस्व मार्गदर्शन में अपेक्षाएं पूरी नहीं कीं। निवेशकों को उम्मीद थी कि कंपनी बेहतर प्रदर्शन करेगी, लेकिन राजस्व के आंकड़े उम्मीदों से कम रहे। यह स्थिति बाजार में अनिश्चितता का कारण बन गई है, जिससे निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है। कंपनी के अधिकारियों ने इस गिरावट के पीछे के कारणों पर चर्चा की है और भविष्य में सुधार की योजना बनाने की बात की है। हालांकि, वर्तमान समय में निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

### दिल्ली में बढ़ती ठंड के बीच, सर्दी से बचाव के लिए लोगों ने अपनाए अनोखे तरीके

दिल्ली में ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है, और आम जनता इस सर्दी से निपटने के लिए विभिन्न उपायों की तलाश में है। जैसे-जैसे तापमान गिर रहा है, लोग अपने-अपने तरीके से सर्दी के कहर से बचने का प्रयास कर रहे हैं।

इस साल, राजधानी में सर्दी की शुरुआत ने लोगों को एक बार फिर से पुराने दिनों की याद दिला दी है, जब गर्म कपड़े और गर्म पेय पदार्थों की मांग बढ़ जाती थी। स्थानीय बाजारों में ऊनी वस्त्रों की बिक्री में तेजी देखी जा रही है। विशेष रूप से, स्वेटर, शॉल और ऊनी मफलर की खरीदारी में इजाफा हुआ है। दुकानदारों के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार अधिक लोग ठंडी चीजों की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे व्यापार में भी उछाल आया है।

सर्दी के मौसम में, लोग गर्म खाने की भी ओर ध्यान दे रहे हैं। चाय की दुकानों और खाने के स्टॉल्स पर भीड़ बढ़ गई है। गरमागरम चाय, कटलेट और सूप जैसे खाद्य पदार्थों की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। एक स्थानीय चाय विक्रेता ने बताया, “इस मौसम में चाय की बिक्री दोगुनी हो गई है। लोग सर्दी को मात देने के लिए गरमागरम पेय पसंद कर रहे हैं।”

हालांकि, ठंड से बचाव के लिए केवल गर्म कपड़े और पेय पदार्थ ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य का भी खास ध्यान रखा जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए लोग अधिक फल और हरी सब्जियों का सेवन कर रहे हैं। इसके साथ ही, लोग नियमित रूप से व्यायाम करने का भी प्रयास कर रहे हैं ताकि वे स्वस्थ रह सकें।

लेकिन, ठंड का मौसम केवल व्यक्तिगत स्तर पर ही नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग पर भी गहरा प्रभाव डालता है। कई लोग, जो बेघर हैं, उन्हें इस सर्दी में अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली सरकार ने ऐसे लोगों के लिए रैन बसेरों की व्यवस्था की है, लेकिन फिर भी कई लोग रात के ठंडे मौसम में खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं।

इस सर्दी में, जब ठंड का प्रकोप बढ़ रहा है, तो यह जरूरी है कि हम सभी एक-दूसरे की मदद करें। चाहे वह गर्म कपड़े बांटने का मामला हो या फिर जरूरतमंदों के लिए गर्म खाने की व्यवस्था, समाज को एकजुट होकर इस ठंड में एक-दूसरे का सहारा बनना चाहिए।

इस प्रकार, दिल्ली की सर्दी केवल मौसम का बदलाव नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक चुनौती भी है। हर किसी को इस ठंड से बचने के लिए अपने तरीके अपनाने चाहिए, ताकि हम सभी इस सर्दी को मिलकर सहन कर सकें।

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