राष्ट्रीय

ईरान पर अमेरिका-इजरायली हमले की कांग्रेस ने की निंदा, मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल

कांग्रेस ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों की निंदा करते हुए मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। प्रियंका गांधी ने ईरानी नेता की हत्या की निंदा की और पीएम मोदी से भारतीयों की सुरक्षित वापसी की अपील की।

HighLights

  1. कांग्रेस ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों की निंदा की।
  2. मोदी सरकार की विदेश नीति पर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए।
  3. प्रियंका गांधी ने मध्यपूर्व से भारतीयों की वापसी की मांग की।

 कांग्रेस ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल पर हमले की निंदा करते हुए सरकार की विदेश नीति पर यह कहते हुए सवाल उठाए कि देश को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति की विषयवस्तु और उसके तौर-तरीकों दोनों की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

ईरान पर हमले को लेकर कोई स्पष्ट दृष्टिकोण जाहिर नहीं किए जाने के मद्देनजर पार्टी ने विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईरान पर थोपे गए इस युद्ध के प्रति मोदी सरकार की प्रतिक्रिया भारत के मूल्यों, सिद्धांतों, चिंताओं और हितों के साथ विश्वासघात है।

प्रियंका गांधी की पीएम मोदी से उम्मीद

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन कर उसके सुप्रीम लीडर खामनेई की हत्या किए जाने की निंदा करते हुए उम्मीद जताई की पीएम मोदी मध्यपूर्व में फंसे भारतीयों की सुरक्षति वापसी के लिए कदम उठाएंगे।

ईरान पर हमले के मद्देनजर रविवार को एक्स पर प्रियंका गांधी ने कहा, “लोकतांत्रिक दुनिया के तथाकथित नेताओं द्वारा एक संप्रभु देश के लीडरशिप की टारगेटेड हत्या और बहुत सारे बेगुनाह लोगों की हत्या घिनौनी है और इसकी कड़ी निंदा होनी चाहिए। चाहे इसका कारण कुछ भी बताया गया हो। यह दुख की बात है कि अब कई देश लड़ाई में घसीटे जा रहे हैं। दुनिया को शांति चाहिए, फालतू की लड़ाईयां नहीं।”

प्रियंका का पीएम मोदी पर तंज

शांति के प्रति गांधी की प्रतिबद्धता को प्रासंगिक बताते हुए प्रियंका ने कहा कि जो लोग इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन्हें महात्मा गांधी की बातें याद रखनी चाहिए कि आंख के बदले आंख पूरी दुनिया को अंधा बना देती है।

पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा, “मुझे उम्मीद है कि इजराइल के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ट्रंप के सामने झुकने के बाद हमारे प्रधानमंत्री प्रभावित देशों से सभी भारतीय नागरिकों को सुरक्षित घर वापस लाने की पूरी कोशिश करेंगे।”

जयराम रमेश ने बयान जारी कर कहा कि चाहे प्रधानमंत्री और उनकी मंडली कितना भी दिखावा कर लें, हकीकत यह है कि स्वयंभू विश्वगुरु के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है।

जयराम रमेश का पीएम मोदी पर हमला

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 25-26 फरवरी 2026 को इजराइल का ऐसे समय दौरा किया जब पूरी दुनिया को यह जानकारी थी कि सत्ता परिवर्तन के उद्देश्य से ईरान पर अमेरिका-इजराइल का सैन्य हमला होने वाला है। पीएम मोदी के लौटने के केवल दो दिन बाद ही यह हमला शुरू हो गया।

जयराम ने नेसेट में दिए पीएम के भाषण को नैतिक कायरता का शर्मनाक प्रदर्शन बताया। साथ ही लद्दाख सीमा पर चीन से टकराव में 20 बहादुर जवानों के शहीद होने का संदर्भ उठाते हुए कहा कि पीएम मोदी ने 19 जून 2020 को सार्वजनिक रूप से चीन को क्लीन चिट देकर हमारी बातचीत की स्थिति को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया और अब हमें चीन की शर्तों पर संबंधों को सामान्य बनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

अमेरिका की बेरूखी पर कांग्रेस नेता ने कहा कि ट्रंप लगातार पाकिस्तान से नजदीकियां बनाए हुए हैं और बार-बार उसी व्यक्ति (फील्ड मार्शल असीम मुनीर) की सराहना कर रहे हैं जिसके भड़काऊ बयानों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि तैयार की थी।

जयराम रमेश ने ट्रेड डील को बताया विफल

ट्रंप अब तक सौ से अधिक बार दावा कर चुके हैं कि कि उन्होंने 10 मई 2025 को टैरिफ बढ़ाने की धमकी देकर आपरेशन ¨सदूर रोकने में हस्तक्षेप किया था लेकिन पीएम इस पर पूरी तरह मौन हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका ने साफ तौर पर पाकिस्तान का समर्थन किया है।

ट्रेड डील को विफलता बताते हुए जयराम रमेश ने कहा कि ट्रंप ने खुद घोषणा कि पीएम मोदी के अनुरोध पर व्यापार समझौता अंतिम हुआ है जो स्पष्ट है करता है कि यह एक हताश पहल थी क्योंकि 18 दिन बाद ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रेड डील को ही अवैध और असंवैधानिक करार दिया।

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