अंतरराष्ट्रीय

UN में भारत का पाकिस्तान पर प्रहार: अफगानिस्तान एयरस्ट्राइक को बताया कानून का उल्लंघन

भारत ने पाकिस्तान के हमलों की निंदा की

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है।

यूएन सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान पर चर्चा के दौरान भारत के प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई से निर्दोष नागरिकों को भारी नुकसान हुआ है।

रमजान में हमले पर उठाए सवाल

भारत ने पाकिस्तान पर पाखंड का आरोप लगाते हुए कहा कि रमजान जैसे पवित्र महीने में सैन्य हमले करना मानवीय और धार्मिक मूल्यों के खिलाफ है।

भारत के अनुसार इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पाकिस्तान के दोहरे रवैये को उजागर करती है।

नागरिकों की मौत और विस्थापन

यूएन के आंकड़ों के अनुसार इन हमलों में 185 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है।

इनमें बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की है।

साथ ही एक लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।

व्यापार और ट्रांजिट पर असर

भारत ने अफगानिस्तान पर लगाए गए व्यापार और पारगमन प्रतिबंधों पर भी चिंता जताई।

अफगानिस्तान एक भू-आवेष्ठित देश है और उसे पड़ोसी देशों के जरिए व्यापार करना पड़ता है।

ऐसे में रास्ते बंद होने से वहां की अर्थव्यवस्था और कमजोर हो सकती है।

‘ट्रेड टेररिज्म’ की चेतावनी

भारत ने कहा कि व्यापार मार्गों को रोकना एक तरह का आर्थिक दबाव है जिसे “ट्रेड और ट्रांजिट टेररिज्म” कहा जा सकता है।

अमेरिका का बयान

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी तालिबान की गतिविधियों को लेकर चिंता जताई और कहा कि आतंकवादी तरीकों को खत्म करना जरूरी है।

निष्कर्ष

भारत ने यूएन में साफ कहा कि क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन जरूरी है और किसी भी देश को दूसरे की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं करना चाहिए।

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