अंतरराष्ट्रीय

‘होर्मुज स्ट्रेट खोलो वरना…’, ट्रंप का ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम; तेहरान ने दिया करारा जवाब

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट 48 घंटे में खोलने का अल्टीमेटम दिया है, चेतावनी दी कि न मानने पर पावर प्लांट्स पर हमला होगा।

HighLights

  1. ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने का 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया
  2. ईरान ने अमेरिकी ऊर्जा ठिकानों पर जवाबी हमले की धमकी दी
  3. स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति, कीमतें प्रभावित हुईं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोलने के लिए 48 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए चेतावनी दी कि यदि तेहरान ने इस समय सीमा के भीतर स्ट्रेट को बिना किसी खतरे के पूरी तरह खोल नहीं दिया, तो अमेरिका ईरान के विभिन्न पावर प्लांट्स पर हमला कर तबाह कर देगा, और सबसे बड़े प्लांट से शुरुआत की जाएगी।

ट्रंप ने यह पोस्ट भारतीय समयानुसार सुबह 5:14 बजे की, जिसके अनुसार ईरान को मंगलवार सुबह तक समय मिला है। उन्होंने लिखा कि यदि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल नहीं करता, बिना किसी धमकी के, इस सटीक समय से 48 घंटों के भीतर, तो संयुक्त राज्य अमेरिका उनके विभिन्न पावर प्लांट्स पर हमला कर उन्हें नेस्तनाबूद कर देगा, सबसे बड़े वाले से शुरुआत करते हुए।

यह धमकी मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष में एक बड़ा उछाल है, जो महज एक दिन पहले ट्रंप के युद्ध को समाप्त करने की बात के विपरीत है।

ऊर्जा और डिसेलिनेशन ढांचे को बनाएंगे निशाना: ईरानी सेना

ट्रंप के अल्टीमेटम के जवाब में ईरानी सैन्य कमान खातम अल-अंबिया ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के ईंधन और ऊर्जा ढांचे पर कोई हमला हुआ, तो क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों के सभी ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी तथा डिसेलिनेशन ढांचे को निशाना बनाया जाएगा।

समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, ईरानी सेना ने कहा कि पिछली चेतावनियों के बाद, यदि दुश्मन द्वारा ईरान के ईंधन और ऊर्जा ढांचे का उल्लंघन किया गया, तो अमेरिका और क्षेत्रीय शासन के सभी ऊर्जा, आईटी और डिसेलिनेशन ढांचे को लक्ष्य बनाया जाएगा।

वैश्विक तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा प्रभावित

ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट को ज्यादातर शिपिंग ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया है, खासकर उन देशों के लिए जो ईरान पर हमलों में शामिल हैं। इस स्ट्रेट से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा कच्चा तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस गुजरता है।

बंदिश के कारण तेल निर्भर देश वैकल्पिक मार्गों की तलाश में जुटे हैं और अपने भंडारों का उपयोग कर रहे हैं। इससे कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे लंबे समय तक युद्ध जारी रहने पर वैश्विक मुद्रास्फीति का खतरा बढ़ गया है।

कई देशों ने की आलोचना

ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन सहित कई देशों ने ईरानी सेनाओं द्वारा होर्मुज स्ट्रेट की वास्तविक बंदिश की कड़ी निंदा की है।

यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा रहा है, जहां अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष वैश्विक ऊर्जा बाजार को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। स्थिति पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं कि क्या ईरान अल्टीमेटम मानता है या फिर और बड़ा टकराव होता है।

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