उत्तर प्रदेश

शरीर में ढाई फीट सरिया घुसने पर 13 साल के ऋषभ का हौसला देख सब हैरान, बिना रोए कराता रहा इलाज

Bulandshahr News : बुलंदशहर के मिर्जापुर गांव में 13 वर्षीय ऋषभ पेड़ से गिर गया। इस दौरान लगभग ढाई फीट सरिया उसके शरीर में आरपार हो गया।

HighLights

  1. किशोर पेड़ से नीचे गिरा और प्लाट की नींव में पिलर के लिए छोड़ा गया सरिया शरीर में आरपार हो गया।
  2. सरिया घुसने तक एक बार भी रोया नहीं और न ही बेहोश हुआ, एंबुलेंस में बैठकर लोगों को देखता रहा।

 शहर से सटे मिर्जापुर गांव में शनिवार को 13 वर्षीय किशोर घर के पास खाली प्लाट में पेड़ से नीचे गिर गया। इस दौरान पेड़ के नीचे प्लाट की नींव में पिलर के लिए छोड़ा गया सरिया उसके शरीर में आरपार हो गया। लगभग ढाई फीट सरिया के साथ किशोर को जिला अस्पताल से दिल्ली रेफर किया गया।

कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव मिर्जापुर निवासी राजकुमार का 13 वर्षीय बेटा ऋषभ शनिवार की सुबह लगभग साढ़े नौ बजे मुहल्ले के कई बच्चों के साथ घर के पास ही एक खाली प्लाट में खेल रहा था। खेलते-खेलते बच्चे प्लाट में खड़े नीम के पेड़ पर चढ़ गए। ऋषभ भी चढ़ गया। उसका पैर फिसला और पलक झपकते ही वह नीचे गिर गया।

पेड़ के नीचे प्लाट की नींव में पिलर बनाने के लिए छोड़े गए सरिया में से एक सरिया ऋषभ के दाएं बाजू के नीचे से शरीर में घुसा और गर्दन के पास से पार निकल गया। वहां खेल रहे बच्चों दौड़कर घर पर सूचना दी। इसके बाद स्वजन दौड़कर पहुंचे। घटना के समय राजकुमार मंदिर गया था और मां अनिता घर पर काम कर रही थी। शोर मचा तो ग्रामीण एकत्र हो गए। लोहा काटने वाली आरी मंगाकर सरिया को जमीन की सतह की तरफ से काटा गया। लगभग ढाई फीट का सरिया किशोर के शरीर में फंसा था।

इस दौरान किशोर को ब्लीडिंग भी नाममात्र की हुई। किशोर को लेकर स्वजन कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों की टीम किशोर को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन आपरेशन करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। इमरजेंसी में किशोर के साथ हुई घटना को देखने के लिए मरीज, तीमारदारों की भीड़ जुट गई।

इमरजेंसी में किशोर को ड्रिप लगाकर प्राथमिक उपचार दिया और दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल रेफर कर दिया। सरकारी एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस से किशोर को दिल्ली ले जाया गया। दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में किशोर का आपरेशन किया गया। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. प्रदीप राणा का कहना है कि गंभीर हालत में बच्चा अस्पताल आया था। हालत गंभीर होने के चलते उसको दिल्ली रेफर कर एएलएस एंबुलेंस से भेजा गया है।

ऋषभ की हिम्मत से हर कोई हैरत में

बिजली वायरिंग का काम करने वाले राजकुमार के तीन बच्चे हैं। ऋषभ बीच का है। शरीर में घुसे ढाई फीट का सरिया के ऋषभ को अस्पताल लाया गया। पेड़ से गिरकर सरिया घुसने तक वह एक बार भी रोया नहीं और ना ही बेहोश हुआ। एंबुलेंस में बैठा भी वह लोगों को देखता रहा। अस्पताल में खड़े लोग किशोर की हिम्मत और हौंसले को देखकर हैरत करते रहे।

‘नवरात्र में मां की कृपा हुई, बेटे की जान बच गई’

जिस समय ऋषभ का मौत से सामना हुआ। उस समय उसके पिता राजकुमार मंदिर गए थे और मां अनिता घर में काम कर रही थी। बेटे के शरीर में सरिया फंसा देखकर मां विचलित हो गई और भगवान से उसकी जान के लिए प्रार्थना करने लगी। कुछ ही मिनट में सरिया कटा और स्वजन बच्चे को लेकर जिला अस्पताल दौड़े। अनिता के मुंह से बस यही निकला कि जगत जननी की बड़ी कृपा हो गई और बेटे की जान बच गई।

फेफड़ा या दिल क्षतिग्रस्त होता तो होती मुश्किल

इमरजेंसी में किशोर को प्राथमिक उपचार देने वाले चिकित्सकों ने बताया कि सरिया शरीर में घुस गया। सरिया से दिल और फेफड़ा दोनों किसी तरह बच गए। यदि सरिया फेफड़ा या दिल को क्षतिग्रस्त करता तो बहुत मुश्किल हो जाती।

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