नीतीश सरकार के मंत्री डॉ.अशोक चौधरी का नया अवतार; AN College में पहला लेक्चर, क्या पढ़ाया?

बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने अनुग्रह नारायण कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में अपना पहला व्याख्यान दिया। उन्होंने नीतीश कुमार की विभिन्न योजनाओं का भी जिक्र किया
- मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने ए.एन. कॉलेज में पहला व्याख्यान दिया।
- उन्होंने भारतीय संघीय व्यवस्था और केंद्र-राज्य संबंधों पर चर्चा की।
- नीतीश कुमार की योजनाओं का भी उल्लेख किया, छात्रों ने सराहा।
बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने बुधवार को अनुग्रह नारायण कॉलेज (ए.एन. कॉलेज) के राजनीति विज्ञान विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में अपना पहला व्याख्यान दिया।
नियुक्ति के बाद यह उनका पहला अकादमिक सत्र था, जिसे लेकर छात्रों और शिक्षकों में खासा उत्साह देखने को मिला।व्याख्यान के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रोफेसर बनने का सपना उनके पिता का था।
स्वयं उनकी भी हमेशा से इच्छा रही है कि वे शिक्षा जगत से जुड़कर अपने अनुभव युवा पीढ़ी के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि छात्रों से संवाद के माध्यम से उन्हें भी लगातार सीखने का अवसर मिलेगा।
भारतीय संघीय व्यवस्था पर व्याख्यान
अपने संबोधन में उन्होंने संघवाद (Federalism), केंद्र-राज्य संबंध, संघीय ढांचे की चुनौतियां और इसके लाभ जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने भारतीय संघीय व्यवस्था को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच संतुलन देश के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में कानून निर्माण सबसे बड़ी शक्ति है और दूरदर्शी नेताओं की नीतियां आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करती हैं।
नीतीश की योजनाओं की भी की चर्चा
इस संदर्भ में उन्होंने नीतीश कुमार की विभिन्न योजनाओं, पोशाक योजना, साइकिल योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और महिलाओं के लिए आरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने समाज के दीर्घकालिक विकास की दिशा तय की है।
व्याख्यान के दौरान छात्रों ने कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने विस्तारपूर्वक जवाब दिया। उनके संवादात्मक और प्रभावी प्रस्तुतीकरण से छात्र काफी प्रेरित नजर आए। कार्यक्रम के बाद छात्रों ने उनसे भविष्य में भी अन्य विषयों पर व्याख्यान देने का आग्रह किया।
विभाग की ओर से पूरे कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग कराई गई, ताकि यह छात्रों के लिए भविष्य में भी उपलब्ध रह सके। अंत में विभागाध्यक्ष और शिक्षकों ने ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों को आगे भी जारी रखने की उम्मीद जताई।



