घोरावल में ‘चेखुर पाण्डेय’ की एंट्री से गरमाई सियासत, टिकट से पहले ही मैदान में पकड़ मजबूत
जनसंपर्क, सामाजिक काम और अखिलेश से करीबी के सहारे बढ़ा दबदबा, विरोधियों की बढ़ी बेचैनी

सब तक एक्सप्रेस:विशेष संवाददाता।
सोनभद्र। घोरावल विधानसभा सीट पर इस बार सियासी पारा चढ़ता नजर आ रहा है और इसकी बड़ी वजह बने हैं समाजवादी खेमे के चर्चित चेहरे जय प्रकाश पाण्डेय उर्फ ‘चेखुर पाण्डेय’। टिकट का ऐलान भले अभी दूर हो, लेकिन उनकी सक्रियता और बढ़ती लोकप्रियता ने इलाके में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले चेखुर पाण्डेय इन दिनों लगातार जनसंपर्क अभियान में जुटे हैं। गांव-गांव पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद, छोटे-बड़े कार्यक्रमों में मौजूदगी और हर वर्ग से जुड़ाव ने उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया है। सियासी गलियारों में उन्हें घोरावल सीट का “फ्रंट रनर” तक कहा जाने लगा है।
चेखुर पाण्डेय की पहचान केवल एक नेता तक सीमित नहीं, बल्कि एक सक्रिय जनसेवक के रूप में उभरी है। गरीब परिवारों की मदद, युवाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल, खेल और सामाजिक आयोजनों में सहयोग—इन सबने उनकी छवि को और मजबूत किया है। यही वजह है कि युवा से लेकर बुजुर्ग तक, हर वर्ग में उनका नाम तेजी से फैल रहा है।
वर्तमान में घघरी से जिला पंचायत सदस्य के रूप में वह क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर भी काफी सक्रिय हैं। सड़क, पानी और बुनियादी सुविधाओं के मुद्दों पर उनकी पकड़ और फॉलोअप को लेकर भी लोगों में सकारात्मक चर्चा है।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अगर समाजवादी पार्टी इस बार चेखुर पाण्डेय पर दांव खेलती है, तो घोरावल सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे का हो सकता है। वहीं विरोधी दलों में भी उनकी बढ़ती सक्रियता को लेकर रणनीति बननी शुरू हो गई है।
अब सवाल यही है—क्या पार्टी हाईकमान चेखुर पाण्डेय की इस बढ़ती पकड़ को टिकट में बदलता है, या फिर घोरावल की सियासत में कोई नया मोड़ आने वाला है? फिलहाल इलाके में एक ही चर्चा है—“क्या इस बार घोरावल को मिलेगा अपना जय प्रकाश उर्फ ‘चेखुर’ विधायक?”



