मध्य प्रदेश

एमपी में गैंग के नाम पर धमकियां: पुलिस की बड़ी कार्रवाई

बढ़ता अपराध, बढ़ती चिंता

मध्य प्रदेश में हाल के दिनों में कारोबारियों को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर मिल रही धमकियों ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कई व्यापारियों से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगी जा रही है, जिससे उनमें डर का माहौल है।

SIT का गठन: सख्ती का संकेत

इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए राज्य पुलिस मुख्यालय ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह कदम अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत माना जा रहा है।

जांच की कमान और टीम

नौ सदस्यीय SIT का नेतृत्व रेल पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा कर रहे हैं। टीम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिससे जांच को मजबूत बनाया जा सके।

किन मामलों की होगी जांच

SIT भोपाल, इंदौर, खरगोन और अशोकनगर सहित छह मामलों की संयुक्त जांच करेगी। इन मामलों में व्यापारियों को फोन, वॉयस नोट और सोशल मीडिया के जरिए धमकियां दी गई हैं।

STF-ATS की भागीदारी

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने SIT में STF और ATS के अधिकारियों को भी शामिल किया है। इससे तकनीकी और संगठित अपराध दोनों पहलुओं पर गहराई से जांच हो सकेगी।

तकनीक का इस्तेमाल कर रहे अपराधी

अपराधी व्हाट्सएप कॉल, वॉयस मैसेज और वीडियो के जरिए धमकियां दे रहे हैं। यह तरीका पुलिस के लिए चुनौती बनता जा रहा है, क्योंकि इसमें पहचान करना मुश्किल होता है।

भोपाल और इंदौर के मामले

भोपाल में एक ज्वैलर से 10 करोड़ रुपये की मांग की गई, जबकि इंदौर में एक रियल एस्टेट कारोबारी से 15 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। इन घटनाओं ने पुलिस को सतर्क कर दिया है।

अन्य जिलों में भी वारदात

महू में अस्पताल संचालक को 5 करोड़ रुपये की धमकी दी गई। वहीं खरगोन में एक व्यापारी के घर के बाहर फायरिंग कर डर पैदा किया गया। अशोकनगर में भी कारोबारी को धमकी देने के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस की संयुक्त जांच रणनीति

पुलिस का मानना है कि सभी मामलों की एक साथ जांच करने से यह पता लगाया जा सकेगा कि इन घटनाओं के पीछे कोई संगठित गिरोह है या अलग-अलग लोग गैंग का नाम इस्तेमाल कर रहे हैं।

व्यापारियों की सुरक्षा चिंता

लगातार मिल रही धमकियों के कारण व्यापारी वर्ग में असुरक्षा बढ़ गई है। वे प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि उनका विश्वास बना रहे।

निष्कर्ष: सख्त कदम जरूरी

मध्य प्रदेश में गैंग के नाम पर बढ़ते अपराधों ने पुलिस को सक्रिय कर दिया है। SIT का गठन एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उम्मीद है कि जल्द ही इन मामलों का खुलासा होगा और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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