पॉलिटिक्स

विदेशी मतदाताओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक मतपत्र पर विचाराधीन: मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र

नई दिल्ली, भारत | 27 अप्रैल 2024

भारत निर्वाचन आयोग की एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका और मॉरीशस में प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) के साथ संवाद किया। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया में अधिक सुविधा और पारदर्शिता प्रदान करना था।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र ने बताया कि विदेश में बसे भारतीय मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक मतपत्र (ई-वोटिंग) की सुविधा उपलब्ध कराने पर गंभीर रूप से विचार किया जा रहा है। इससे उन्हें अधिक आसानी से और सुरक्षित तरीके से अपने वोट का प्रयोग करने का अवसर मिलेगा, जिससे मतदान प्रतिशत में भी वृद्धि होने की संभावना है।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रवासी भारतीयों से उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने ताकि निर्वाचन आयोग अपनी नीतियों को और बेहतर बना सके। इस दौरान मतदाता पहचान, मतदाता सूची का सत्यापन, और मतदान के लिए आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

दक्षिण अफ्रीका और मॉरीशस दोनों ही देशों में भारतीय नागरिकों की संख्या अच्छी खासी है और उनकी भागीदारी को बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग प्रतिबद्ध है। प्रवासी भारतीयों के त्वरित वोटिंग अधिकारों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए आयोग विभिन्न तकनीकी समाधानों पर काम कर रहा है। यह प्रयास भारत की लोकतांत्रिक ताकत को मजबूत करेगा और विदेश में भारतीय समुदाय को मातृभूमि से जुड़ाव बनाए रखने में मदद करेगा।

सुशील चंद्र ने कहा कि “विदेश में रहने वाले हमारे मतदाताओं का योगदान हमारे लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। हम उनके लिए मतदान प्रक्रिया को सरल, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने पर काम कर रहे हैं।” आयोग ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस संबंध में विस्तृत योजना और अधिसूचना जारी की जाएगी।

इस पहल से न केवल मतदान में वृद्धि होगी, बल्कि यह विदेश में बसे भारतीयों के लिए चुनावों में भागीदारी का एक नया अध्याय भी खोलेगा। आगामी चुनावों में इस नई व्यवस्था के लागू होने की संभावनाएं जारी हैं, जो भारतीय निर्वाचन प्रणाली के आधुनिककरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!