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नारनौल में अवैध खनन घोटाला: विजिलेंस ने माइनिंग विभाग के क्लर्क चंद्रशेखर को गिरफ्तार, 16 आरोपी पहले ही गिरफ्तार

नारनौल, हरियाणा: अवैध खनन से जुड़े बहुचर्चित घोटाले में विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। नारनौल में माइनिंग विभाग के क्लर्क चंद्रशेखर को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब पहले ही इस मामले में 16 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें सरकारी अधिकारी और खनन व्यवसायी शामिल हैं।

पुलिस व विजिलेंस विभाग ने कई महीनों तक किए गए गहन जांच के बाद यह कार्रवाई की है। आरोप है कि माइनिंग विभाग के कर्मचारी और कुछ बाहरी दल मिलकर अवैध खनन को बढ़ावा दे रहे थे और नियमों की अनदेखी कर खनन कार्य करवा रहे थे। इस घोटाले में करोड़ों रुपये की राशि का खेल होने का संकेत भी मिला है।

विशेषज्ञों के अनुसार, नेपाल पुल क्षेत्र में विजिलेंस की टीम ने छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं, जो इस घोटाले की साजिश को उजागर करते हैं। चंद्रशेखर पर आरोप हैं कि उन्होंने कई फर्जी रसीदें और खनन लाइसेंस जारी कर अवैध खनन को सहायता प्रदान की।

विजिलेंस अधिकारी ने बताया कि आगे की जांच जारी है और जल्द ही और भी बड़े पैमाने पर खुलासे होंगे। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे ऐसे अपराधों की सूचना तुरंत दें ताकि अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाया जा सके।

यह मामला स्थानीय प्रशासन के लिए एक चुनौती है और अवैध खनन से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को देखते हुए कार्रवाई तेजी से हो रही है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि कानून के दायरे में सभी दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने में मदद मिले।

यह घोटाला राज्य में खनन विभाग की ईमानदारी पर सवाल उठाता है और अधिकारियों के भ्रष्टाचार को भी सामने लाता है। जनता को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी तथा दोषियों को ठीक से न्याय मिलेगा।

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