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दोपहर में रोजाना झपकी लेना? न्यूरोलॉजिस्ट के अनुसार यह आपके नींद के चक्र को प्रभावित कर सकता है: ‘रात को सोना होगा मुश्किल…’

नई दिल्ली, भारत – दिन में बार-बार झपकी लेना आपका रात का नींद चक्र प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आप दिन में अधिक समय झपकी लेने में बिताते हैं, तो यह आपके शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी को बाधित कर सकता है, जिससे रात को सोने में दिक्कत हो सकती है।

न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अजय कुमार के अनुसार, दिन की लंबी या अनियमित झपकियां नींद में खलल डालती हैं और ‘स्लीप ड्राइव’ को कमजोर कर देती हैं। स्लीप ड्राइव वह प्रक्रिया है जो दिनभर शरीर में थकावट के बाद रात में नींद लाने में मदद करती है।

डॉ. कुमार ने बताया, “जब आप दिन में कई बार या लंबी झपकियां लेते हैं, तो यह आपकी स्लीप ड्राइव को कम कर देता है। परिणामस्वरूप, रात को सोने में कठिनाई होती है, नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है और अगली सुबह आप थका हुआ महसूस कर सकते हैं।”

विशेषज्ञों के अनुसार, दिन में झपकी लेना पूरी तरह से गलत नहीं है, लेकिन इसकी अवधि और समय का ध्यान रखना आवश्यक है। सामान्य तौर पर, 20 से 30 मिनट की झपकी शरीर को तरोताजा करने में सहायता करती है और इसे ‘पावर नैप’ कहा जाता है।

इस विषय पर हाल ही में एक अध्ययन में यह पाया गया कि जो लोग दिन में दोपहर बाद 30 मिनट से अधिक नींद लेते हैं, उनकी रात की नींद में व्यवधान आता है। इसलिए, यदि आप दिन में झपकी लेते हैं, तो उसे सीमित रखें और अपनी रात की नींद को प्राथमिकता दें।

नींद विशेषज्ञ डॉ. रेखा शर्मा ने सुझाव दिया है कि बेहतर नींद के लिए दिन में झपकी लेने का सही समय दोपहर 1 से 3 बजे के बीच है। साथ ही, झपकी की अवधि अधिकतम 30 मिनट तक सीमित रखें। यह शरीर और मस्तिष्क को फिर से सक्रिय करने में मदद करती है, बिना रात की नींद को प्रभावित किए।

अच्छी नींद के लिए कुछ अन्य टिप्स भी महत्वपूर्ण हैं, जैसे सोने और जागने का समय नियमित रखना, सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करना, कैफीन और भारी भोजन से बचना, और एक आरामदायक वातावरण में सोना।

यदि आपको फिर भी नींद में परेशानी हो रही है, तो विशेषज्ञ से संपर्क करना आवश्यक है, क्योंकि यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है।

संक्षेप में, दिन में झपकी लेना यदि नियंत्रित तरीके से किया जाए तो यह लाभकारी है, लेकिन इसकी आदत अगर रात की नींद को प्रभावित कर रही हो तो इसे बदलने की आवश्यकता है। आपका जागरूक प्रयास और स्वस्थ जीवनशैली बेहतर नींद सुनिश्चित कर सकती है।

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