राष्ट्रपति कोविंद और पीएम मोदी ने नेताजी की 125वीं जन्म जयंती पर श्रद्धांजलि दी

नई दिल्ली, भारत
भारत सरकार ने रविवार से देश में गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय नेताजी की आजादी संग्राम में योगदान को याद करने और उन्हें देशवासियों के दिलों में हमेशा जिन्दा रखने के लिए लिया गया है।
सरकार के जारी बयान के अनुसार, आगामी गणतंत्र दिवस समारोह में नेताजी की स्मृति में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें देशभर में सरकारी और असैनिक संस्थान विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करेंगे, जिनमें मतदाता जागरूकता अभियान, स्कूलों में निबंध प्रतियोगिताएं, तथा नेताजी के जीवन और आदर्शों पर प्रकाश डालने वाले कार्यक्रम शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले को स्वागतयोग्य बताया और इस अवसर पर कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस न केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में आज़ादी के प्रतीक हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर युवा पीढ़ी राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकती है।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भी कहा कि नेताजी का त्याग और समर्पण भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेगा। उन्हें सम्मानित करने के लिए यह एक सही समय है कि हम उनकी सोच और विचारों को अपने जीवन में उतारें।
विशेष रूप से रविवार से शुरू हो रहे गणतंत्र दिवस के उत्सवों में नेताजी की प्रतिमा पर फूल अर्पित करने के अलावा, भारत सरकार ने देश भर के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया है ताकि वे नेताजी के जीवन, उनके प्रेरणादायी भाषण और कार्यों पर व्याख्यान प्रस्तुत कर सकें।
यह पहल नेटाजी के अनुयायियों और उन सभी नागरिकों के लिए गर्व का विषय है जो देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हैं। इसके अलावा, नेताजी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
सरकार की यह योजना न केवल नेताजी को श्रद्धांजलि देने का माध्यम बनेगी, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के प्रति युवाओं की रुचि भी बढ़ाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहलें राष्ट्रभक्ति को मजबूत करने में सहायक होती हैं।
इस प्रकार, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में गणतंत्र दिवस समारोह का नया आयाम प्रस्तुत करना भारत के लिए गर्व का विषय है, जो उनके अदम्य साहस और देशभक्ति की भावना को सदैव याद रखेगा।


