एनटीए ने 2024 लीकर के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नजरअंदाज किया: FAIMA याचिका

नई दिल्ली, भारत | 27 अप्रैल 2024
देश की शीर्ष न्यायालय सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने 2024 के लीक कांड के बाद सिस्टम में सुधार नहीं किया है। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए FAIMA (फेडरेशन ऑफ ऑटोमैटेड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट एसोसिएशन) ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
याचिका में सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया गया है कि वह तुरंत हस्तक्षेप करें और एक आधुनिक, त्रुटिरहित एवं पारदर्शी प्रणाली लागू करने का आदेश दें, ताकि लाखों छात्रों का भविष्य कभी जोखिम में न पड़े। FAIMA का कहना है कि वर्तमान प्रणाली में कई कमजोरियां बरकरार हैं, जो छात्रों की जेब और मेहनत के साथ समझौता करती हैं।
FAIMA की ओर से पेश किए गए दस्तावेजों में यह भी कहा गया है कि 2024 की लीक घटना न केवल एक तकनीकी चूक थी, बल्कि इससे शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी गंभीर चोट पहुँची। उन्होंने न्यायालय से अनुरोध किया है कि एनटीए को कड़े निर्देश दिए जाएं ताकि अगली बार इस प्रकार की अनहोनी न हो सके।
विशेषज्ञों की मानें तो परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो छात्र और उनके परिवार भविष्य में ऐसे कांडों के लिए पूरी तरह असुरक्षित रहेंगे। इससे न केवल सरकार की विश्वसनीयता पर असर पड़ेगा बल्कि देश के शिक्षण माहौल पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी प्रणाली के सुधार हेतु कई निर्देश जारी किए थे, लेकिन एनटीए की ओर से कोई विशेष पहल नहीं देखी गई। इसके चलते FAIMA ने न्यायालय में यह याचिका दायर कर सीधे हस्तक्षेप का आग्रह किया है।
छात्रों और अभिभावकों की मानें तो वे चाहते हैं कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी एवं विश्वसनीय हो ताकि उनकी मेहनत और भविष्य सुरक्षित रह सके। FAIMA की यह याचिका शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



