
सोनभद्र संवाददाता, सब तक एक्सप्रेस
सोनभद्र। जनपद के धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व को नई पहचान देने वाली गुप्तकाशी तीर्थायन यात्रा इस वर्ष 24 अगस्त 2025, रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी से प्रारंभ होकर सोनभद्र पहुंचेगी। काशी कथा न्यास के नेतृत्व में यह यात्रा काशी, चंदौली, मिर्जापुर, भदोही और प्रयागराज के विद्वानों, चिकित्सकों, व्यवसायियों, शोधकर्ताओं, चिंतकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता के साथ संपन्न होगी।
इस वर्ष की यात्रा का विशेष आकर्षण यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार का लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, संस्कृति विभाग लखनऊ भी इस आयोजन में सहभागिता कर रहा है। विभाग की ओर से लोक गायिका रजनी तिवारी और उनकी टीम को पूरी यात्रा के दौरान लोकगायन प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
यात्रा सोनभद्र पहुंचने पर सबसे पहले सर्किट हाउस में स्वागत समारोह आयोजित होगा। स्वागत समिति में गुप्त काशी विकास परिषद के संरक्षक मंडल के प्रमुख सदस्य—डॉ. अवधेश दीक्षित, प्रो. प्रदीप कुमार मिश्रा, जगदीश पंथी, मनोज चौबे, पारसनाथ मिश्र, राजेश कुमार मिश्र, नवल किशोर चौबे, उमेश ओझा, लालजी त्रिपाठी, धनंजय पाठक, सुशील त्रिपाठी, सुरेश पाठक, विनोद कुमार चौबे, आनंद त्रिपाठी, रमाकांत शुक्ला, अरुणेश पांडे, अशोक तिवारी सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल रहेंगे।
यात्रा का अगला पड़ाव इंजीनियरिंग कॉलेज चुर्क होगा। इसके पश्चात तीर्थयात्री पंचमुखी महादेव मंदिर एवं भित्ति चित्रों का दर्शन करेंगे। यात्रा क्रमशः धंधरौल बांध की सुंदरता निहारते हुए सहस्त्र शिवलिंग दर्शन, विजयगढ़ दुर्ग भ्रमण, बजरंगबली मंदिर दर्शन, ब्रह्म सरोवर, रामसरोवर, शिव सरोवर भ्रमण तथा नाथ संप्रदाय के मत्स्येंद्रनाथ की तपोस्थली मच्छरमारा गुफा तक पहुंचेगी। यहां दर्शन-पूजन के बाद सहभोज कार्यक्रम संपन्न होगा।
गुप्त काशी विकास परिषद के अध्यक्ष पंडित आलोक कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि—
“यह यात्रा जनपद के आध्यात्मिक, धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल गुप्तकाशी की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर भी नए आयाम पाएगी।”