
रिपोर्ट: शैलेन्द्र यादव, सब तक एक्सप्रेस।
सीतापुर। कर-करेत्तर राजस्व प्राप्तियों और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विभागीय कार्यों की अक्टूबर 2025 तक की प्रगति की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागों को राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य पूर्ण करने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, जिन विभागों की प्रगति संतोषजनक नहीं है, उन्हें शीघ्र लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रभावी कार्यवाही करने को कहा गया।

डीएम ने वाणिज्यकर, आबकारी, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन, परिवहन, विद्युत देय, नगर निकाय, वन, खनन, राजस्व एवं मंडी विभागों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रवर्तन कार्यों को सख्ती से लागू किया जाए और आर.सी. वसूली में सुधार लाया जाए।
उन्होंने कहा कि लंबित वादों का गुणवत्तापरक व समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा पुराने मामलों को प्राथमिकता दी जाए। औद्योगिक विभाग के लंबित एम.ओ.यू. को तत्काल निस्तारित करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को समय से आवश्यक आख्या प्रेषित करने, नहरों की सिल्ट सफाई की जांच, तथा धान क्रय केंद्रों के निरीक्षण का निर्देश दिया।
औषधि निरीक्षक को जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के आसपास की दवा दुकानों की आकस्मिक जांच करने को कहा गया।
इसके अलावा, महोली और सिधौली में मंडी निर्माण के प्रस्ताव भेजे जाने का आदेश दिया गया।
नगर निकायों को अवैध अतिक्रमण हटाने और वसूली कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी मिले।
जिलाधिकारी ने जन शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण मौके पर जाकर किया जाए और शिकायतकर्ता से फीडबैक अवश्य लिया जाए।
उन्होंने उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जमीन विवाद से संबंधित मामलों का निस्तारण प्राथमिकता से किया जाए तथा हर शिकायत का समाधान “मधुर व्यवहार” के साथ किया जाए।
डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को उचित दर की दुकानों का औचक निरीक्षण और न्यायालयों में नियमित वाद निस्तारण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि निरीक्षण की रिपोर्ट प्रतिदिन प्रस्तुत की जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व नीतीश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक खालिद अंजुम, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
📌 जिलाधिकारी ने दोहराया — पारदर्शी व जिम्मेदार प्रशासन ही सुशासन की कुंजी है।



