मारकुंडी खनन हादसे में लीपापोती की आशंका तेज
मुख्य अभियुक्तों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
सब तक एक्सप्रेस, वरिष्ठ संवाददाता राम अनुज धर द्विवेदी
सोनभद्र। ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली–मारकुंडी खनन इलाके में हुए भीषण हादसे के बाद जिले में आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। घटनास्थल से भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक मिलने और मजिस्ट्रियल जांच शुरू होने के बाद विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए मुख्य आरोपी खनन माफियाओं और संलिप्त अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
युवा कांग्रेस ने एसपी कार्यालय को सौंपा ज्ञापन
शनिवार को युवा कांग्रेस सोनभद्र के जिलाध्यक्ष शशांक मिश्रा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की वर्षों से अनदेखी की जा रही थी। मजदूरों और स्थानीय लोगों द्वारा बार–बार चेतावनी देने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम न उठाया जाना इस भीषण हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।

युवा कांग्रेस ने कहा कि खदानों में इस्तेमाल हो रहे भारी मात्रा में अवैध विस्फोटकों की सप्लाई, उसका परिवहन और निगरानी पर गंभीर सवाल उठते हैं। यदि इनकी समय रहते जांच नहीं की गई, तो इनका इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक या आतंकी घटना में भी हो सकता है।
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज
संगठन ने कहा कि यदि मजिस्ट्रियल जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उन पर भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव धीरज पांडेय ने कहा—
“यह हादसा प्राकृतिक नहीं, बल्कि खनन माफियाओं और कुछ अधिकारियों के गठजोड़ का परिणाम है। समय पर कार्रवाई होती तो इतनी बड़ी त्रासदी नहीं होती। जांच पारदर्शी हो और प्रभावशाली लोगों को भी बख्शा न जाए।”
सेवादल शहर अध्यक्ष शैलेन्द्र चतुर्वेदी ने भी चिंता जताते हुए कहा—
“अवैध विस्फोटकों का मिलना साबित करता है कि खनन क्षेत्र में कोई निगरानी नहीं थी। केवल संचालक ही नहीं, बल्कि उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई जरूरी है जिन्होंने आंखें मूंद रखी थीं।”
पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजा और नौकरी की मांग
युवा कांग्रेस ने मृतक आश्रितों को 50 लाख रुपये मुआवजा, हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, तथा घायलों के बेहतर इलाज की मांग की। साथ ही जिले की सभी खदानों—वैध और अवैध—की उच्चस्तरीय जांच कर वास्तविक सुरक्षा स्थिति का आकलन करने की मांग भी की।

“लीपापोती नहीं चलेगी” — युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष
ज्ञापन सौंपने के बाद जिलाध्यक्ष शशांक मिश्रा ने कहा—
“यह हादसा खनन माफियाओं को मिली खुली छूट और प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। जब तक दोषियों पर बिना किसी दबाव के कार्रवाई नहीं होगी, पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा। किसी भी तरह की लीपापोती स्वीकार नहीं की जाएगी।”
ज्ञापन के दौरान जिला महासचिव रोहिल मिश्रा, सूर्या, मृदुल मिश्रा, रोहित कुमार, शेखर सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



