किसान आंदोलन के पुरोधा ठाकुर संकठा प्रसाद सिंह की 102वीं जयंती मनाई गई, उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प

सब तक एक्सप्रेस – लखनऊ
लखनऊ। भारतीय किसान संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा संगठन के प्रमुख स्तंभ ठाकुर संकठा प्रसाद सिंह की 102वीं जयंती रविवार को माधव सेवा आश्रम में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय किसान संघ से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ता, समाजसेवी तथा प्रदेश के विभिन्न शहरों से आए गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत ठाकुर संकठा प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण कर उनकी कृषि, समाज और संगठन के प्रति आजीवन सेवा को स्मरण करते हुए हुई। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन तपस्या, त्याग और राष्ट्रभावना से ओतप्रोत था। गुजरात के ऐतिहासिक किसान आंदोलन में उनकी निर्णायक भूमिका को याद करते हुए बताया गया कि उनके नेतृत्व ने किसानों में पहली बार एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने का आत्मविश्वास जगाया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि ठाकुर संकठा प्रसाद का संघ से जुड़ाव केवल दायित्वों तक सीमित नहीं था, बल्कि वह उनके जीवन का मूल मार्गदर्शक था। उनकी निष्ठा, संगठनात्मक अनुशासन और कार्यकर्ताओं के प्रति स्नेह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के पूर्व महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने की। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एम.एल. भट्ट, निदेशक—कल्याण सिंह कैंसर संस्थान उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ पत्रकार अच्युतानंद मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार नरेंद्र भदोरिया, तथा धर्माचार्य जगतगुरु ओम प्रपन्नाचार्य महाराज का उद्बोधन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
कार्यक्रम का संचालन शशिप्रकाश सिंह ने किया। अंत में रामनारायण उज्जैन, डॉ. पवन सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने भी श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।



