
संवाददाता – बृजेन्द्र मौर्य
खागा/फतेहपुर। ऐरायां ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर में तैनात नवाचारी शिक्षक आनंद कुमार मिश्र ने डिजिटल शिक्षा का नया मॉडल तैयार कर ग्रामीण बच्चों की पढ़ाई को आसान और रोचक बना दिया है। आनंद ने कक्षा पाँच की सामाजिक विषय की पूरी किताब को डिजिटल स्वरूप में बदलते हुए सभी पाठों के क्यूआर कोड, सारांश, चित्र, अभ्यास प्रश्न और ऑनलाइन सामग्री को एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध कराया है।
कभी भी–कहीं भी सीखने की सुविधा
बच्चे सिर्फ क्यूआर कोड स्कैन करके तुरंत पाठ्य सामग्री, चित्र और अभ्यास प्रश्न देख सकते हैं। इससे उन्हें Anytime Learning की सुविधा मिलती है। आनंद का कहना है कि डिजिटल माध्यम से बच्चे अपनी गति से पढ़ पाते हैं और जरूरत पड़ने पर सामग्री अपडेट भी की जा सकती है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा दे रही है।
प्रदेशभर में बढ़ी पहचान
आनंद मिश्र के इस कार्य की सराहना राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्य सचिव तक कर चुके हैं। उनका शोध एनसीईआरटी, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित हो चुका है। बाल शिक्षा पर अब तक आठ किताबें लिख चुके आनंद को प्रदेश स्तर पर एक नवाचारी शिक्षक के रूप में पहचान मिली है।
एडूलीडर्स यूपी अवार्ड 2025 से सम्मानित
लखनऊ में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में उन्हें प्रमुख सचिव द्वारा एडूलीडर्स यूपी अवार्ड 2025 प्रदान किया गया। जनप्रतिनिधियों और शिक्षा अधिकारियों द्वारा भी समय-समय पर उनका सम्मान होता रहा है।
ग्रामीण बच्चों के लिए लाभकारी मॉडल
मलूकपुर विद्यालय में लागू क्यूआर कोड आधारित शिक्षण मॉडल को अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भी सराहा है। उनका मानना है कि यदि यह मॉडल अन्य विद्यालयों में भी लागू होता है, तो ग्रामीण शिक्षा की गुणवत्ता और पहुँच दोनों में बड़ा सुधार होगा।
आनंद मिश्र का यह प्रयास जिले और प्रदेश के विद्यालयों के लिए शिक्षण का एक नया और प्रभावी उदाहरण बन रहा है।



