
सब तक एक्सप्रेस | दतिया
सर्दी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोपरि मानते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। हाल ही में कुछ स्कूलों द्वारा यूनिफॉर्म से अलग रंग का स्वेटर पहनकर आए बच्चों को प्रवेश न देने की शिकायतें सामने आई थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल सभी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
मुख्य निर्देश
- स्वेटर/गरम कपड़ों का रंग या डिज़ाइन कोई मायने नहीं रखेगा।
सर्दी से बचाव के लिए कोई भी छात्र अलग रंग का स्वेटर पहनकर आता है तो उसे प्रवेश से नहीं रोका जाएगा। - किसी भी विद्यार्थी को स्वेटर के रंग के आधार पर कक्षा से बाहर नहीं किया जाएगा।
- छात्रों को कक्षा के बाहर जूते-चप्पल उतारने के लिए बाध्य करने की प्रथा तुरंत बंद की जाए, क्योंकि इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ बढ़ सकती हैं।
कलेक्टर वानखड़े ने स्पष्ट कहा—
“अनुशासन का अर्थ बच्चों के स्वास्थ्य और गरिमा से समझौता करना नहीं है। हर बच्चे को ठंड से बचने के लिए गरम कपड़े पहनने का पूरा अधिकार है।”

उन्होंने सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले में कोई भी बच्चा सर्दी के कारण शिक्षा से वंचित न हो—यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दतिया जिला प्रशासन बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा को सुरक्षित रखने के लिए लगातार संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।
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