छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 37 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 23 महीनों में 2200 से ज्यादा माओवादी मुख्यधारा में लौटे

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 37 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें कई बड़े नक्सली नेता शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इससे क्षेत्र में शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास योजना के तहत सहायता मिलेगी। पिछले 23 महीनों में 2200 से ज्यादा माओवादियों ने मुख्यधारा में वापसी की है।

Hero Image

 

HighLights

  1. दंतेवाड़ा में 37 नक्सलियों का समर्पण
  2. 23 महीनों में 2200 माओवादियों की वापसी
  3. पुनर्वास योजना के तहत सहायता

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में 37 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया, जिनमें से 27 पर कुल मिलाकर 65 लाख रुपये का इनाम था। दंतेवाड़ा के पुलिस सुपरिटेंडेंट गौरव राय ने बताया कि 12 महिलाओं समेत इन नक्सलियों ने “पूना मार्गेम” (पुनर्वास से सामाजिक पुनर्मिलन तक) पहल के तहत यहां सीनियर पुलिस और CRPF अधिकारियों के सामने सरेंडर किया।

उन्होंने कहा कि बस्तर रेंज पुलिस द्वारा शुरू की गई यह पहल बस्तर क्षेत्र में स्थायी शांति, सम्मान और व्यापक प्रगति स्थापित करने के लिए एक बदलाव लाने वाली मुहिम के रूप में उभर रही है। सरेंडर करने वालों में कुमाली उर्फ अनीता मंडावी, गीता उर्फ लक्ष्मी मड़कम, रंजन उर्फ सोमा मंडावी और भीमा उर्फ जहाज कलमू शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि इन सभी पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था।

रिहैबिलिटेशन पॉलिसी के तहत सरेंडर

उन्होंने कहा कि सरकार की रिहैबिलिटेशन पॉलिसी के तहत, सरेंडर करने वाले कैडरों को तुरंत 50,000 रुपये की मदद के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग, खेती की जमीन वगैरह जैसी दूसरी सुविधाएं भी दी जाएंगी। अधिकारी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की सरेंडर और रिहैबिलिटेशन पॉलिसी से प्रेरित होकर, पिछले 20 महीनों में दंतेवाड़ा जिले में 508 से ज्यादा माओवादी, जिनमें से 165 पर इनाम था, हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं।

23 महीनों में 2,200 से ज्यादा नक्सलियों ने किया सरेंडर

राय ने कहा कि बड़ी संख्या में माओवादियों ने, सीनियर नेताओं से लेकर अपने बेस एरिया में एक्टिव कैडर तक, इस गैरकानूनी संगठन को छोड़ दिया है। पुलिस के मुताबिक, पिछले 23 महीनों में छत्तीसगढ़ में टॉप कैडर समेत 2,200 से ज्यादा नक्सलियों ने सरेंडर किया है। केंद्र ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!