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सीतापुर: निजी चिकित्सालयों की अनियमितताओं पर सख्ती, सीएमओ ने दिए कड़े निर्देश

सब तक एक्सप्रेस,सीतापुर।

सीतापुर। जिलाधिकारी के निर्देशों के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार की अध्यक्षता में निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम और हॉस्पिटलों के व्यवस्थापकों की अनिवार्य बैठक आयोजित की गई। बैठक में निजी चिकित्सकीय संस्थानों में व्यवस्था, सुरक्षा, रजिस्ट्रेशन और मरीज सेवाओं को लेकर कई अहम दिशानिर्देश जारी किए गए।

सीएमओ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी निजी चिकित्सालय में सर्जरी, प्रसव, ओपीडी, आईपीडी सहित सभी चिकित्सकीय कार्य केवल अधिकृत और पंजीकृत चिकित्सकों की मौजूदगी में ही किए जाएं। सभी मरीजों का पंजीकरण अब अनिवार्य रूप से आभा आईडी के माध्यम से किया जाएगा तथा सभी परामर्श ऑनलाइन दर्ज होंगे।

मातृ मृत्यु और 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों की मृत्यु की सूचना उसी दिन कार्यालय को देना अनिवार्य किया गया है, साथ ही सीआरएस पोर्टल पर इसे फीड किया जाना जरूरी होगा।

सीएमओ ने यह भी निर्देश दिए कि यदि कोई निजी चिकित्सालय बाहरी योग्य चिकित्सक से सेवाएं लेता है, तो उसकी योग्यता, आधार कार्ड और शपथ पत्र की सूचना कार्यालय को अनिवार्य रूप से दी जाए।
ऑपरेशन द्वारा प्रसव करने वाले संस्थानों में एनेस्थीसिया चिकित्सक, ओटी टेक्नीशियन, महिला रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ का अधिकृत स्टाफ होना जरूरी है। सामान्य प्रसव केवल महिला चिकित्सक की निगरानी में ही किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सभी निजी हॉस्पिटलों में सूचना-पट्ट अद्यतन रखा जाए और ऑन-कॉल एवं अंशकालिक स्टाफ के समय और योग्यता का स्पष्ट उल्लेख किया जाए। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र संबंधित परिवार को 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मानवाधिकार आयोग व शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि मरीज की मृत्यु होने पर निजी चिकित्सालय परिजनों को निःशुल्क शव वाहन उपलब्ध कराएंगे। किसी भी स्थिति में बकाया बिल के कारण शव को रोका नहीं जाएगा।

एचएमआईएस पोर्टल पर समस्त सूचनाएं भरने के निर्देश दिए गए। जिन चिकित्सालयों को इस पोर्टल की जानकारी नहीं है, उन्हें जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के रामबली से संपर्क करने को कहा गया है।

संचारी रोग (जेई/एईएस/मलेरिया/डेंगू), सर्पदंश आदि मामलों की सूचना जिला सर्विलांस ऑफिसर को तुरंत देने के निर्देश दिए गए। साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण को नियमानुसार करने, टीबी मरीजों की खोज बढ़ाने और निश्चय पोर्टल पर उनका अंकन करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में डायरिया प्रबंधन पर पीएसआई (इंडिया) द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर सीएमओ, उप सीएमओ, जिला प्रशासनिक अधिकारी, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी, आईएमए अध्यक्ष डॉ. विनोद त्रिपाठी सहित कुल 35 चिकित्सक उपस्थित रहे।

— सब तक एक्सप्रेस

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