
सब तक एक्सप्रेस | लखनऊ ब्यूरो
लखनऊ। कमता स्थित शंकरपुरी कॉलोनी में आयोजित एकादश श्रीमद्भागवत कथा, कमता महोत्सव, 21 कुंडीय ज्ञान यज्ञ एवं भंडारे का आयोजन भक्तिभाव और उल्लास के साथ जारी है। यह भव्य धार्मिक आयोजन 25 दिसंबर तक चलेगा। रविवार 21 दिसंबर को कृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर महंत पंडित विनोदानंद शास्त्री महाराज ने भक्तों को आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि जो भक्त अपने हृदय को बृजधाम बना लेता है, प्रभु की भक्ति वहीं जन्म लेती है।
आचार्य देवकीनंदन मिश्रा के संयोजन में हो रहे इस वार्षिक 11वें महा-अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कथा के दौरान सरस भजनों और कृष्ण जन्म की झांकियों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
“नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” और “नंद लाला प्रगट भये आज, बिरज में लड्डूवा बटें” जैसे रसीले भजनों पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। झांकी दर्शन के दौरान भक्तों में विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली।
श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से रात्रि 8 बजे तक किया जा रहा है। रविवार को कथा का शुभारंभ मंत्रोच्चार के साथ हुआ, जिसके पश्चात आवाहन, षोडशोपचार पूजन, आरती एवं भजन-कीर्तन संपन्न हुआ।
कथा के केंद्रीय आकर्षण के रूप में महंत पंडित विनोदानंद शास्त्री महाराज ने जन्माष्टमी प्रसंग के अंतर्गत भगवान श्रीकृष्ण की जन्म लीला का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि कितनी भी कठिन परिस्थितियां क्यों न हों, ईश्वर पर अटूट विश्वास, प्रेम और धर्म का पालन करने से हर बाधा को पार किया जा सकता है। भगवान का अवतरण धरती पर धर्म की स्थापना के लिए हुआ है और उनका जन्म यह संदेश देता है कि दिव्य शक्तियां सदैव भक्तों की रक्षा करती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि प्रभु की भक्ति से न केवल समस्त कष्ट दूर होते हैं, बल्कि भक्त को मोक्ष की परम प्राप्ति भी होती है।
इस अवसर पर आचार्य देवकीनंदन मिश्रा ने बताया कि संस्कार और स्वच्छता महाअभियान के अंतर्गत वह भक्तों के आग्रह पर विभिन्न स्थानों पर भागवत कथाओं का आयोजन कर रहे हैं। कमता में आयोजित यह कथा भी स्वच्छ कमता, संस्कारित कमता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है।



