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लखनऊ/छत्तीसगढ़। मनुस्मृति दहन की 98वीं स्मृति दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक में छत्तीसगढ़ मूलनिवासी संघ की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मूलनिवासी संघ के अध्यक्ष अमरजीत पटेल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में बहुजन चिंतक विष्णु बघेल मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मूलनिवासी संघ के उपाध्यक्ष रामलाल गुप्ता ने किया। जाति उन्मूलन आंदोलन के अखिल भारतीय संयोजक कॉमरेड तुहिन विशिष्ट वक्ता के रूप में शामिल हुए।
इस अवसर पर वक्ताओं ने 25 दिसंबर 1927 को महाराष्ट्र के महाड़ में बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और उनके अनुयायियों द्वारा किए गए मनुस्मृति दहन की ऐतिहासिक घटना को स्मरण किया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में सामाजिक समानता, संविधानिक मूल्यों और लोकतंत्र की मजबूती पर विचार रखे।
कार्यक्रम में भजन जांगड़े, सविता जांगड़े, सुनील गणवीर, कॉमरेड पुरुषोत्तम, रेशमा आनंद, नरेंद्र वर्मा, दिलीप अंबेडकर, अभय पस्तरिया, एडवोकेट अश्विनी, दशरथ लाल, कृष्णा चंद सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान जनवादी गीतों और कविताओं की प्रस्तुतियां भी दी गईं।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक न्याय, समानता और संविधान में निहित मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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