पांच दिवसीय बैंकिंग के समर्थन में बैंककर्मियों का जोरदार प्रदर्शन
सरकार के अड़ियल रुख पर देशव्यापी हड़ताल तय – अनिल श्रीवास्तव

सब तक एक्सप्रेस।
लखनऊ। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंककर्मियों ने केंद्र सरकार द्वारा “पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली” लागू न किए जाने के विरोध में राजधानी के विभिन्न बैंक शाखाओं पर जोरदार प्रदर्शन और सभाएं कीं। यूनियन बैंक (कपूरथला), सेंट्रल बैंक (हजरतगंज), बैंक ऑफ इंडिया (चौक) तथा केनरा बैंक (गोमती नगर) में बैंककर्मियों ने नारेबाजी कर अपनी मांगों को बुलंद किया।
जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि फोरम के आह्वान पर पूरे देश में प्रत्येक जिले में धरना, रैली और प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसके बावजूद यदि सरकार अपने अड़ियल रुख पर कायम रहती है तो देशव्यापी हड़ताल निश्चित है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में आज अखिल भारतीय स्तर पर एक साथ प्रदर्शन किया गया।
सभाओं को संबोधित करते हुए कामरेड वाई.के. अरोड़ा, लक्ष्मण सिंह, एस.के. संगतानी, संदीप सिंह, वी.के. माथुर, बी.डी. पाण्डेय, राकेश पाण्डेय और विभाकर कुशवाहा ने कहा कि बैंककर्मियों पर लगातार बढ़ते कार्य दबाव और तनाव को देखते हुए पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली को तत्काल लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का ढुलमुल रवैया बैंककर्मी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
प्रदर्शन में शामिल कामरेड धनंजय सिंह, वी.के. श्रीवास्तव, तारकेश्वर चौहान, आकाश शर्मा, आशुतोष वर्मा, ललित श्रीवास्तव, विशाखा वर्मा, दिनेश विश्वकर्मा, शकील अहमद, कीर्तिवर्धन सिंह, के.एम. श्रीवास्तव, मोनिका शुक्ला सहित अन्य बैंक नेताओं ने सरकार और आईबीए को आगाह करते हुए कहा कि जब अनेक सरकारी विभागों और वित्तीय संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू है, तो बैंककर्मियों को इससे वंचित रखना अन्यायपूर्ण है।
मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में 4 जनवरी को बैंककर्मी “ट्विटर अभियान” चलाएंगे। वहीं 5 जनवरी को स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर सुबह 11 बजे से धरना और दोपहर 2 से 3 बजे तक संयुक्त प्रदर्शन किया जाएगा।
बैंककर्मियों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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