
सब तक एक्सप्रेस।
लखनऊ/हरदोई।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम सहित विभिन्न निगमों, निकायों और विभागों में कार्यरत संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए चल रहा संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश से संबद्ध सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ द्वारा प्रदेशभर में आंदोलन को लगातार तेज किया जा रहा है।
संघ के संघर्ष के तृतीय चरण के अंतर्गत मंडलीय बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 4 जनवरी 2026 (रविवार) को हरदोई डिपो परिसर में एक विशाल कर्मचारी महासभा का आयोजन किया जाएगा। इस महासभा में हरदोई क्षेत्र के साथ-साथ गोला, शाहजहांपुर, सीतापुर, कन्नौज एवं हरदोई डिपो से बड़ी संख्या में कर्मचारी, पदाधिकारी एवं अधिकारी शामिल होंगे।
संघ के प्रदेश महामंत्री जसवंत सिंह ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक कर्मचारी का नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने बताया कि अकेले परिवहन निगम में ही लगभग 50 हजार संविदा कर्मी कार्यरत हैं, जिनके भविष्य के साथ लगातार अनदेखी की जा रही है। अब चुप बैठने का समय नहीं है।
प्रदेश महामंत्री ने सभी पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे आंदोलन को मजबूती देने के लिए अधिक से अधिक कर्मचारियों से संपर्क कर सहभागिता सुनिश्चित करें। रविवार का दिन होने के कारण हरदोई क्षेत्र के ऑफिशियल स्टाफ से विशेष रूप से घर से निकलकर महासभा में पहुंचने की अपील की गई है।
संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। दिनांक 20 जनवरी 2026 को लखनऊ में विधानसभा घेराव कर सरकार को संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों की समस्याओं से रू-ब-रू कराया जाएगा।
जसवंत सिंह ने कहा कि वह लगातार संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे हैं और अब समय आ गया है कि सभी साथी पूरी ताकत के साथ खड़े होकर इस आंदोलन को ऐतिहासिक बनाएं।



