12 जनवरी को प्रदेशभर के बिजली संविदा कर्मचारी ऊर्जा मंत्री से मिलेंगे
मंत्री ए.के. शर्मा को सौंपेंगे समस्याओं का ज्ञापन

सब तक एक्सप्रेस।
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ, लखनऊ की एक महत्वपूर्ण बैठक संगठन के कैंप कार्यालय, एवररेडी चौराहा के निकट आयोजित की गई। बैठक में प्रदेशभर में कार्यरत बिजली के संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
संघ के महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा तानाशाही रवैया अपनाते हुए अपने ही आदेश दिनांक 15 मई 2017 का उल्लंघन कर कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 55 वर्ष की आयु का हवाला देकर कर्मचारियों को कार्य से हटाया जा रहा है, जबकि आदेश दिनांक 18 सितंबर 2025 के अनुरूप कार्य के अनुसार अनुबंध एवं 18,000 रुपये वेतन निर्धारण भी नहीं किया जा रहा है।
बैठक में यह भी बताया गया कि दुर्घटनाओं में घायल कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं दी जा रही है तथा इलाज में व्यय की गई धनराशि का भुगतान संविदाकारों के बिल से काटकर भी नहीं किया जा रहा। इसके अलावा ईपीएफ घोटाले की जांच रिपोर्ट के बावजूद दोषी ठेकेदारों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण न होने, मीटर रीडरों को न्यूनतम वेतन के अनुसार भुगतान न करने और स्मार्ट मीटर लगाए जाने की स्थिति में कर्मचारियों को कार्य से हटाए जाने जैसे मुद्दों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
संघ पदाधिकारियों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि संगठन द्वारा लगातार प्रयासों के बावजूद पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं पर विचार करने के बजाय तानाशाही रवैया अपना रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए संगठन ने निर्णय लिया है कि दिनांक 12 जनवरी 2026 को प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए बिजली के आउटसोर्स एवं संविदा कर्मचारी ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से उनके लखनऊ स्थित आवास पर मुलाकात कर अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराएंगे।
संघ ने उम्मीद जताई कि ऊर्जा मंत्री हस्तक्षेप कर आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे।



