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पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद निधन, पुणे में आज होगा अंतिम संस्कार

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का 81 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्हें पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका पार्थिव शरीर दोपहर 2 बजे तक एरंडवाने स्थित कलमाड़ी हाउस में रखा जाएगा, जिसके बाद दोपहर 3.30 बजे नवी पेठ के वैकुंठ श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार होगा।

HighLights

  1. पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का 81 वर्ष की आयु में निधन।
  2. पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में ली अंतिम सांस।
  3. अंतिम संस्कार पुणे के वैकुंठ श्मशान भूमि में होगा।

 पूर्व केंद्रीय मंत्री और सीनियर कांग्रेस नेता सुरेश कलमाडी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्हें पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

उनके पार्थिव शरीर को दोपहर 2 बजे तक पुणे के एरंडवाने स्थित कलमाडी हाउस में रखा जाएगा और अंतिम संस्कार दोपहर 3.30 बजे पुणे के नवी पेठ स्थित वैकुंठ श्मशान भूमि में होगा।

कौन हैं सुरेश कलमाडी?

सुरेश कलमाडी कांग्रेस सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे हैं। हालांकि उन्हें भारतीय खेल जगत के प्रशासक के तौर पर बड़ी उपलब्धियां मिली थीं। वह 1995-96 में नरसिम्हा राव सरकार में मंत्री भी रहे। उनकी वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने उस समय केंद्रीय रेल राज्य मंत्री के रूप में रेल बजट प्रस्तुत किया था।

पुणे के रहने वाले कलमाडी ने 1960 के दशक की शुरुआत में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में दाखिला लिया और फिर भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में भर्ती हुए। उन्होंने छह साल तक वायु सेना में सेवाएं दीं और फिर 1974 तक दो साल तक एनडीए में ट्रेनर रहे। उन्होंने 1965 और 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ जंग में भाग लिया।

संजय गांधी ने राजनीति में कराई एंट्री

सुरेश कलमाडी को संजय गांधी राजनीति में लेकर आए थे। तब वह पुणे में फास्टफूड आउटलेट चलाते थे। कलमाडी ने कुछ समय के लिए महाराष्ट्र युवा कांग्रेस का नेतृत्व किया और फिर 1982 में राज्यसभा सांसद बने। 1996 में कलमाडी भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष बने और लगातार दो चार-वर्षीय कार्यकालों के लिए निर्विरोध चुने जाने के साथ ही उन्होंने अपना दबदबा कायम कर लिया।

विवादों से भी जुड़ा नाम

कॉमनवेल्थ गेम्स में घोटाले की आग कलमाडी तक भी पहुंची। इस दौरान वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर उनके घर पर सीबीआई ने छापा भी मारा था। हालांकि पिछले साल सबूतों के अभाव में कोर्ट ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी।

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