
सब तक एक्सप्रेस।
लखनऊ। विद्युत संविदा कर्मचारियों के वेतन बढ़ोतरी, श्रम कानूनों के उल्लंघन और लगातार हो रही छंटनी के विरोध में मंगलवार को विद्युत संविदा मजदूर संगठन, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर प्रदेश के सभी जनपदों में एकदिवसीय सत्याग्रह किया गया। इसी क्रम में लखनऊ के लेसा (LESA) क्षेत्र में भी संविदा कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण सत्याग्रह कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
लेसा क्षेत्र में आयोजित सत्याग्रह के दौरान लेसा प्रभारी माता प्रसाद पांडे द्वारा अधीक्षण अभियंता के माध्यम से उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में संविदा कर्मचारियों की 11 सूत्री प्रमुख मांगों को विस्तार से रखा गया।
मांगों में संविदा श्रमिकों का न्यूनतम वेतन ₹22,000 तथा लाइनमैन, एसएसओ एवं कंप्यूटर ऑपरेटर का वेतन ₹25,000 किए जाने, पूर्वांचल व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया रोकने, संविदा कर्मचारियों की छंटनी तत्काल बंद करने और निकाले गए कर्मचारियों को पुनः कार्य पर लेने की मांग शामिल रही। इसके साथ ही वर्ष 2023 की हड़ताल में कार्य करने के बावजूद हटाए गए संविदा कर्मियों को बहाल करने की मांग भी उठाई गई।
संगठन ने संविदा कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली बनाए जाने, विभाग द्वारा सीधा भुगतान सुनिश्चित करने, सेवानिवृत्ति आयु 55 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने, दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में ₹20 लाख का बीमा एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मांग की। साथ ही लक्ष्य प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि दिए जाने और फील्ड कर्मचारियों के लिए फेसियल अटेंडेंस का आदेश वापस लेने की मांग भी की गई।
इस अवसर पर मीडिया प्रभारी विमल चंद्र पांडे ने बताया कि सत्याग्रह में विद्युत संविदा मजदूर संगठन के प्रभारी पुनीत राय, विद्युत मजदूर संगठन के कोषाध्यक्ष एस.के. सिंह, रजनीश शर्मा, आकाश मिश्रा, अनूप सिंह, मानस मिश्रा, शिव कुमार, गुड्डू मिश्रा, पंकज कुमार सहित बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी उपस्थित रहे।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि संविदा कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।



