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आबकारी विभाग की बड़ी लापरवाही

अवैध शराब का जहर और विभागीय उदासीनता, उमरिया में मूक पशुओं की मौत से मचा हड़कंप

सब तक एक्सप्रेस।
राहुल शीतलानी, ब्यूरो चीफ उमरिया
उमरिया। जिले में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की कथित कार्रवाई अब केवल कागजों तक सिमट कर रह गई है। चंदिया थाना क्षेत्र के ग्राम बिलासपुर में हुई दर्दनाक घटना ने विभाग की निष्क्रियता को उजागर कर दिया है। गांव में कच्ची शराब बनाने के बाद बचे जहरीले महुआ को खुले में फेंक दिया गया, जिसे खाने से पांच गायों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई, जबकि कई अन्य मवेशियों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब का निर्माण हो रहा है, लेकिन आबकारी विभाग ने कभी गंभीर निगरानी नहीं की। शराब बनाने के बाद बचे अवशेषों को बिना किसी भय के खुले मैदान में फेंक दिया जाता है। भूखी गायों ने वही जहरीला महुआ खा लिया और कुछ ही देर में उनकी हालत बिगड़ गई। तड़पती गायों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासन और विभागीय लापरवाही को बेनकाब कर दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब यही जहरीला महुआ मूक पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो सकता है, तो इंसानों के लिए इसका खतरा कितना बड़ा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। यह सीधा सवाल आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर खड़ा करता है, जो समय-समय पर अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावे तो करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आबकारी विभाग की कार्रवाई महज औपचारिकता बनकर रह गई है। न नियमित छापेमारी होती है और न ही अवैध शराब कारोबारियों पर ठोस कार्रवाई। इसी लापरवाही का नतीजा है कि जहरीले अवशेष खुले में फेंके जा रहे हैं और मूक पशुओं की जान जा रही है।
एक ओर समाज और सरकार गाय को माता का दर्जा देती है, वहीं दूसरी ओर विभागीय उदासीनता के चलते गायों की मौत होना पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मामले में जब आबकारी विभाग के एसआई दिनकर तिवारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया, जिससे विभाग की जवाबदेही पर और संदेह गहराता है।
फिलहाल प्रशासन जांच की बात कह रहा है, लेकिन ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि केवल औपचारिक जांच न हो, बल्कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और साथ ही आबकारी विभाग की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सब तक एक्सप्रेस

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