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लखनऊ/गाजीपुर। देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर द कोटा ग्लोबल स्कूल, बाघी नंदगंज में समारोह पूरे गरिमा, अनुशासन और देशभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने न केवल संविधान के प्रति आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता भी पैदा की।
समारोह की शुरुआत विद्यालय के चेयरमैन अभय नाथ सिंह यादव द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान गाया गया, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से गूंज उठा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। बच्चों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रीय एकता और संविधान के आदर्शों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या पुनीता सिंह खुशबू ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों और पदचिह्नों पर चलकर ही एक समतामूलक और सशक्त भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ, लेकिन 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ भारत को एक संपूर्ण लोकतांत्रिक गणराज्य की पहचान मिली।
प्रधानाचार्या ने कहा कि भारतीय संविधान दुनिया का सबसे विस्तृत और समावेशी संविधान है, जो नागरिकों को समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व का अधिकार देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इन मूल्यों को अपने जीवन में उतारकर जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनें तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
समारोह के दौरान विद्यालय परिसर “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “संविधान अमर रहे” जैसे नारों से गूंजता रहा। कार्यक्रम में शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर प्रधानाचार्या पुनीता सिंह खुशबू ने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का संस्कारवान और शिक्षित विद्यार्थी ही कल के आत्मनिर्भर और विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगा।
कुल मिलाकर, द कोटा ग्लोबल स्कूल में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने वाला एक यादगार और प्रभावशाली आयोजन सिद्ध हुआ।



