कोरबा में सियासी तस्वीर साफ: अटल स्मृति भवन का भूमि पूजन, युवा कांग्रेस का तीखा विरोध

मुख्यमंत्री का कोरबा दौरा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को कोरबा जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने पुलिस लाइन के समीप प्रस्तावित भारतीय जनता पार्टी के नवीन जिला कार्यालय अटल स्मृति भवन का विधिवत भूमि पूजन किया। यह कार्यक्रम भाजपा संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय तथा राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन उपस्थित रहे। इसके अलावा भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। इसे जिले में संगठन को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पहुंचे, जहां प्रशासनिक अधिकारियों और भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे कार से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार और विधिविधान के साथ भूमि पूजन की प्रक्रिया पूरी की गई।
पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मुस्तैद नजर आए।
मुख्यमंत्री का संबोधन
भूमि पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अटल स्मृति भवन भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए केवल एक कार्यालय नहीं होगा, बल्कि यह प्रेरणा और संगठनात्मक ऊर्जा का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विचार, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण की सोच इस भवन के माध्यम से कार्यकर्ताओं तक पहुंचेगी।
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से सरकार की योजनाओं को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का आह्वान किया।
युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
वहीं मुख्यमंत्री के आगमन से पहले कोरबा में राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया, जब युवा कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। शहर और ग्रामीण इकाई के कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे।
तख्तियों पर “किसानों की मौत पर जश्न नहीं, जवाब चाहिए” जैसे नारे लिखे थे। युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य में किसान संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार कार्यालय निर्माण जैसे आयोजनों में व्यस्त है।
पुलिस ने किया हस्तक्षेप
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की। युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष, राज्य महासचिव, उपाध्यक्ष, जिला महासचिव, ब्लॉक अध्यक्ष और जिला सचिव सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
राजनीतिक संदेश
कोरबा की यह घटना साफ संकेत देती है कि प्रदेश में सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो रहा है। एक ओर भाजपा संगठन विस्तार का संदेश दे रही है, वहीं कांग्रेस किसान मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।



