आंद्रिल के संस्थापक ने कहा कि अमेरिका रक्षा पर अरबों डॉलर कम खर्च कर सकता है: ‘हम गलत चीज़ों पर बहुत ज़्यादा पैसे खर्च कर रहे हैं’।

**राजधानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ा, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता गहरी**
दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में हाल के दिनों में प्रदूषण के स्तर में खतरनाक वृद्धि देखी गई है। इस मुद्दे ने ना केवल स्थानीय निवासियों की चिंताओं को बढ़ा दिया है, बल्कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
गौरतलब है कि हाल के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार पहुंच चुका है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। यह स्थिति न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि यह लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण श्वसन संबंधी बीमारियों, हृदय रोगों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि वे सुबह की सैर और बाहर के कामों से बचने लगे हैं। कई परिवारों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने में भी हिचकिचाहट महसूस कर रहे हैं। एक निवासी ने कहा, “हम हर दिन मास्क पहनकर बाहर निकलते हैं, लेकिन अब तो लगता है कि घर में रहना ही बेहतर है।”
प्रदूषण के बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें औद्योगिक धुएं, निर्माण गतिविधियाँ और परिवहन के कारण होने वाला धुआं शामिल हैं। हाल ही में, दिल्ली सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए कई उपायों की घोषणा की है, जिसमें निर्माण स्थलों पर कड़ाई से नियम लागू करना और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना शामिल है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सरकारी प्रयासों से ही यह समस्या हल नहीं होगी। समाज के हर वर्ग को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता है। स्थानीय संगठनों ने भी प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए कई अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, सभी से अपील की जा रही है कि वे प्रदूषण कम करने के लिए अपने स्तर पर भी प्रयास करें। अगर इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप धारण कर सकती है।
दिल्ली के निवासियों के लिए यह समय सतर्क रहने का है, क्योंकि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी संपत्ति है।



