बांग्लादेश चुनाव: वोटिंग से पहले 48 लाख लोगों ने छोड़ा ढाका, BNP और जमात की सीधी टक्कर

बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से पहले ढाका से 48 लाख मोबाइल यूजर्स अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। परिवहन में भारी भीड़ देखी जा रही है। इस बीच, BNP ने जमात-ए-इस्लामी पर पैसे के दम पर चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगाया है, जिसके बाद एक जमात नेता से 74 लाख टका बरामद हुए। जमात ने आरोपों को खारिज किया है।
HighLights
- 12 फरवरी चुनाव से पहले ढाका से 48 लाख लोग लौटे।
- BNP ने जमात पर चुनाव में पैसे बांटने का आरोप लगाया।
- जमात नेता से 74 लाख टका बरामद, आरोपों से इनकार।
बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से पहले राजधानी ढाका से बड़ी संख्या में लोग अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। मोबाइल ऑपरेटरों के सूत्रों के अनुसार, 9 फरवरी से अब तक करीब 48 लाख मोबाइल फोन सब्सक्राइबर्स ढाका छोड़ चुके हैं। माना जा रहा है कि यह लोग वोट डालने के लिए अपने गृह जिले में जा रहे हैं।
गाबतली बस टर्मिनल पर ढाका नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन के एक अधिकृत टोल कलेक्टर ने बताया कि आमतर पर यहां रोज 1100 से 1200 बसे निकलती हैं, लेकिन पिछले दो दिनों में यह संख्या बढ़कर 2 हजार से 2200 बसें प्रतिदिन हो गई है।
ट्रेन की छत पर चढ़कर लोग कर रहे सफर
सदरघाटल लॉन्च टर्मिनल पर भी भारी भीड़ देखी गई, जहां लोग नावों से गांव लौटते नजर आए। ट्रेनें भी पूरी तरह भरी हुई थीं और कई यात्री छत पर बैठकर सफर करते दिखे। इधर, चुनाव से एक दिन पहले अमेरिका की संसद में बांग्लादेश की स्थिति पर एक विशेष ब्रीफिंग हुई।
यह कार्यक्रम रेबरन हाउस ऑफिस बिल्डिंग में हिंदूएक्शन (HinduAction) और कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका (CoHNA) ने आयोजित किया। इसमें 100 से ज्यादा लोग शामिल हुए, जिनमें सांसदों के स्टाफ, राजनयिक, पत्रकार और शिक्षाविद शामिल थे।
इस बीच, मतदान से कुछ घंटे पहले बुधवार को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने सबसे बड़ी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी (Jel) पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। BNP का आरोप है कि जमात पैसे के दम पर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
जमात नेता के पास से पैसे बरामद
यह आरोप उस समय सामने आया जब सईदपुर एयरपोर्ट पर जमात के एक नेता के पास से करीब 74 लाख टका बरामद किए गए। सोशल मीडिया पर भी यह दावा किया गयाकि जमात के कुछ नेता अलग-अलग इलाकों में मतदाताओं के बीच नकद पैसा बांटते देखे गए हैं।
हालांकि, जमात ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। वहीं, BNP की चुनाव संचालन समिति के प्रवक्ता महदी अमीन ने कहा कि जब चुनाव के दौरान अवैध लेन-देन रोकने के लिए बैंक और वित्तीय संस्थान बंद हैं, तो ऐसे में एक जिला स्तर के बड़े नेता के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई और किस उद्देश्य से लाई जा रही थी, यह सवाल उठता है।
उन्होंने कहा कि वह नेता ढाका से ठाकुरगांव क्यों जा रहे थे, यह भी जांच का विषय है। BNP का दावा है कि ढाका-15 समेत कई अन्य सीटों पर भी जमात के नेता नकद पैसे बांटते देखे गए हैं। BNP और जमात 2001 से 2006 तक गठबंधन में रहे थे, लेकिन इस बार दोनों आमने-सामने हैं। अवामी लीग की गतिविधियां फिलहाल प्रतिबंधित हैं, इसलिए इस चुनाव में वह हिस्सा नहीं ले रही है।
दोनों दलों में बढ़ी तनातनी
पिछले कुछ दिनों में दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच कई जगह झड़पें हुई हैं। मंगलवार को बोगुरा में जमात समर्थकों के हमले में BNP का एक नेता घायल हो गया। महदी अमीन ने यह भी आरोप लगाया कि जमात के लोग नागरिकों के ट्रांसफर नंबर और वोटर आईडी इकट्ठा कर रहे हैं ताकि उन्हें नकद पैसा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि सईदपुर की घटना को अलग घटना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक “खास पार्टी” देश में हथियार जमा कर रही है और मतदाताओं को डराने की कोशिश कर रही है।
महिलाओं को लेकर बयान पर भी विवाद
महदी अमीन ने बिना नाम लिए कहा कि एक राजनीतिक पार्टी बांग्लादेश की महिलाओं के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रही है और उनके काम के घंटों को सीमित करने की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव ऐसे विचारों के खिलाफ विरोध दर्ज कराने का मौका है।
इधर, सईदपुर की घटना सामने आने के बाद जमात-ए-इस्लामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि चुनाव से पहले पार्टी की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
जमात के सहायक महासचिव और मीडिया टीम के प्रमुख एहसानुल महबूब जुबैर ने कहा कि बेलाल उद्दीन प्रधान को ढाका के हजरत शाह जलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा शाखा से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ मिला था, लेकिन सईदपुर में स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
जमात का जवाब
जुबैर ने कहा कि संबंधित नेता ने साफ किया है कि वह अपने व्यवसाय के सिलसिले में यात्रा कर रहे थे। बैंक बंद होने के कारण उन्हें कुछ जरूरी लेन-देन के लिए नकद रकम साथ रखनी पड़ी। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति व्यापार, परिवार या अन्य जरूरतों के लिए नकद पैसा लेकर यात्रा कर सकता है, इसमें असामान्य कुछ नहीं है। साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था एजेंसियों से चुनाव के दौरान निष्पक्ष रहने की अपील की।



