शिक्षा

IIT Delhi: एआई पर आईआईटी दिल्ली में राउंडटेबल का हुआ आयोजन, शिक्षा मंत्री ने एडटेक स्टार्टअप्स के साथ की चर्चा

IIT Delhi: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आईआईटी दिल्ली में एआई राउंडटेबल की अध्यक्षता कर एडटेक स्टार्टअप्स के साथ शिक्षा में एआई के उपयोग पर चर्चा की। बैठक में NEP 2020 के तहत पर्सनलाइज्ड लर्निंग, स्किलिंग और जिम्मेदार एआई अपनाने पर जोर दिया गया, जो इंडिया एआई समिट की तैयारी का हिस्सा है।

IIT Delhi: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर एक अहम राउंडटेबल बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली में आयोजित की गई, जिसमें भारत के 10 नए दौर के एडटेक स्टार्टअप्स के संस्थापक, नीति-निर्माता, शिक्षाविद और टेक्नोलॉजी उद्यमी शामिल हुए।

चर्चा का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप एआई की मदद से देश की शिक्षा व्यवस्था को कैसे मजबूत बनाया जा सकता है।

बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि तकनीक सशक्तिकरण और समावेशन का महत्वपूर्ण माध्यम है, जो अवसर और उम्मीद के बीच की दूरी को कम कर सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत 2047 के विजन को आगे बढ़ाने में एआई की भूमिका केंद्रीय रहेगी।

उनके अनुसार, शिक्षा में तकनीक के शुरुआती चरण का फोकस कंटेंट तक पहुंच बढ़ाने पर था, लेकिन अब अगला चरण सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने पर केंद्रित होना चाहिए।

व्यक्तिगत और छात्र-केंद्रित लर्निंग पर जोर

प्रधान ने एआई आधारित पर्सनलाइज्ड और एडैप्टिव लर्निंग मॉडल्स की जरूरत पर बल दिया। उनका कहना था कि ऐसे मॉडल सस्ती, समान और बड़े पैमाने पर स्किलिंग सुनिश्चित करने में मदद करेंगे। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि एआई के जरिए छात्रों की जरूरतों के अनुसार पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां संसाधन सीमित हैं।

किन स्टार्टअप्स ने लिया हिस्सा?

राउंडटेबल में Arivihan, Fermi AI, Khare AI Classes, Seekho, Speak, SuperKalam, Supernova, Vedantu, ConveGenius और Virohan जैसे एडटेक स्टार्टअप्स शामिल हुए। इन कंपनियों ने K-12 शिक्षा, टेस्ट प्रिपरेशन, भाषा सीखने, अपस्किलिंग और स्किल एजुकेशन जैसे क्षेत्रों में अपने एआई-आधारित समाधान प्रस्तुत किए। खास बात यह रही कि कई स्टार्टअप्स ग्रामीण और वंचित इलाकों के छात्रों तक शिक्षा पहुंचाने पर काम कर रहे हैं।

नीति निर्माण में मदद करेगी चर्चा

शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इस राउंडटेबल से मिले सुझाव आगामी इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट की नीतिगत चर्चाओं में शामिल किए जाएंगे। इसमें जिम्मेदार एआई उपयोग, सुरक्षा उपाय और विभिन्न सेक्टरों में इसके विस्तार की संभावनाओं पर फोकस रहेगा।

12 फरवरी से भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव

इस बैठक के बाद 12 से 13 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव’ आयोजित होगा, जिसमें केंद्र और राज्यों के नीति-निर्माता, शोधकर्ता और उद्योग विशेषज्ञ एआई की रणनीतिक भूमिका पर चर्चा करेंगे।

इसके बाद 16 से 20 फरवरी तक राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले इंडिया एआई समिट में वैश्विक टेक कंपनियों के बड़े नामों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें NVIDIA के जेनसेन हुआंग, OpenAI के सैम ऑल्टमैन, गूगल के सुंदर पिचाई, एंथ्रोपिक के डारियो अमोदेई और क्वालकॉम के क्रिस्टियानो एमोन जैसे दिग्गज शामिल हो सकते हैं।

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