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‘घुसखोर पंडत’ पर विवाद खत्म, मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- बदलेंगे फिल्म का नाम

‘घुसखोर पंडत’ के टाइटल को लेकर जारी विवाद खत्म होने की उम्मीद है। फिल्ममेकर नीरज पांडे ने सुप्रीम कोर्ट में यह कंफर्म कर दिया है कि इसका नाम पूरी तरह बदल दिया जाएगा।

HighLights

  1. नीरज पांडे ने ‘घूसखोर पंडत’ का टाइटल बदलने पर सहमति दी
  2. सुप्रीम कोर्ट ने टाइटल वापसी स्वीकार की, शांति की उम्मीद जताई

मनोज बाजपेयी की ‘घूसखोर पंडत’ फिल्म मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिल्ममेकर नीरज पांडे को फटकार लगाई थी, कि आप ऐसा टाइटल इस्तेमाल करके समाज के एक हिस्से को क्यों बदनाम कर रहे हैं। जब तक आप हमें बदला हुआ टाइटल नहीं बताते, हम आपको फिल्म रिलीज नहीं करने देंगे।

जिसके बाद आज यानी गुरुवार को फिल्ममेकर नीरज पांडे ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ‘घुसखोर पंडत’ का टाइटल और पब्लिसिटी मटीरियल वापस ले लिया है, नया टाइटल अभी फाइनल नहीं हुआ है।

उम्मीद है कि मामला शांत हो जाए

सुप्रीम कोर्ट ने घुसखोर पंडत के टाइटल वापस लेने पर फिल्ममेकर नीरज पांडे के एफिडेविट को रिकॉर्ड पर लिया और यह कहते हुए मामले का निपटारा कर दिया कि उसे उम्मीद है कि अब यह मामला शांत हो जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिल्ममेकर नीरज पांडे द्वारा घुसखोर पंडत का टाइटल वापस लेने की बात को स्वीकार कर लिया है, जो पॉजिटिव है। वहीं, अपने सामने पेश हुए पक्षों की दलीलों पर ध्यान देते हुए, जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और उज्जल भुयान की बेंच ने यूट्यूबर्स से भी इस विवाद को शांत करने का आग्रह किया।

कब और कैसे शुरू हुआ विवाद?

बता दें कि बीते 03 फरवरी 2026 को नेटफ्लिक्स ने अपने साल 2026 के लिए ‘इंडिया प्लान’ का एलान किया। इसमें मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का एलान भी टीजर रिलीज करके किया गया। लेकिन इसकी टाइटल को लेकर विवाद शुरू हो गया है। लोग सड़कों पर उतर गए। इसके बाद यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया।

फिल्म में मनोज बाजपेयी एक भ्रष्ट पुलिस ऑफिसर की भूमिका निभा रहे हैं। जिन्हें पुलिस महकमे में ‘पंडत’ कहा जाता है। फिल्म के टाइटल की रिलीज के साथ विवाद शुरू हो गया। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा नेटफ्लिक्स पर रिलीज के मामले में केंद्र और CBFC को भी नोटिस जारी किया गया है। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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