वेम्बली में भारतीय व्यापारियों पर हमला: डर और तनाव का माहौल

भारतीय व्यापारियों को निशाना बनाने के आरोप
ब्रिटेन की राजधानी लंदन के वेम्बली इलाके में भारतीय मूल के व्यापारियों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं सामने आने के बाद स्थानीय समुदाय में चिंता और असुरक्षा का माहौल बन गया है। आरोप है कि सोमालियाई युवकों का एक गिरोह इलाके में सक्रिय है, जो भारतीय दुकानदारों और रेस्टोरेंट मालिकों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहा है।
स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक, यह गैंग अचानक दुकानों में घुस जाता है और वहां मौजूद कर्मचारियों को धमकाता है। कई मामलों में दुकानों के सामान को नुकसान पहुंचाया गया है। इन घटनाओं ने खासतौर पर उन व्यापारियों को ज्यादा परेशान कर दिया है जो वर्षों से यहां कारोबार कर रहे हैं और जिनकी आजीविका पूरी तरह इन्हीं दुकानों पर निर्भर है।
वेम्बली का इलाका लंबे समय से भारतीय समुदाय का एक बड़ा केंद्र माना जाता है। यहां गुजराती, पंजाबी और अन्य भारतीय समुदाय के लोग बड़ी संख्या में रहते और व्यापार करते हैं। ऐसे में लगातार सामने आ रही हिंसा की घटनाओं ने पूरे इलाके को चिंतित कर दिया है।
मानेक चौक रेस्टोरेंट पर दो बार हमला
वेम्बली के ईलिंग रोड पर स्थित प्रसिद्ध मानेक चौक इंडियन रेस्टोरेंट पर पिछले सप्ताह दो बार हमला होने की घटना सामने आई। यह हमला 5 मार्च और फिर 7 मार्च को हुआ बताया जा रहा है।
हमलावरों ने अचानक रेस्टोरेंट में घुसकर कुर्सियां और टेबल पलट दीं और वहां रखे बर्तनों तथा अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया। कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि कई लोग मास्क पहने हुए हैं और रेस्टोरेंट के अंदर तोड़फोड़ कर रहे हैं।
हमले के बाद रेस्टोरेंट में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों और ग्राहकों में डर फैल गया और कई लोग तुरंत वहां से बाहर निकल गए। रेस्टोरेंट मालिक का कहना है कि इस तरह के हमले न सिर्फ आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा को भी खतरे में डालते हैं।
स्थानीय व्यापारियों का आरोप
इलाके के कई व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार डर का माहौल बना हुआ है। कुछ दुकानदारों ने बताया कि वे देर रात तक दुकान खोलने से भी डरने लगे हैं।
एक स्थानीय पीआईओ स्टोर के मालिक के अनुसार, हिंसा की शुरुआत पिछले सप्ताह बुधवार को हुई थी। उनका कहना है कि दमन और दीव से जुड़े तीन लोगों को कथित तौर पर टॉयलेट में बंद कर पीटा गया और उन्हें खून से लथपथ हालत में छोड़ दिया गया।
इस घटना के बाद व्यापारियों में भय और गुस्सा दोनों बढ़ गए हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द ही सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
गुजराती व्यक्ति पर चाकू से हमला
सोमवार रात को ईलिंग रोड पर एक गुजराती व्यक्ति पर चाकू से हमला किए जाने की घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर ने अचानक उस व्यक्ति पर हमला कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसका इलाज किया और फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
संसद में उठा मामला
ब्रिटिश सांसद Bob Blackman ने इन घटनाओं को गंभीर बताते हुए ब्रिटिश संसद में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हाल ही में हैरो इलाके में होली समारोह के दौरान भी हमला हुआ था, जो बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि उस कार्यक्रम में करीब एक हजार लोग शांति से त्योहार मना रहे थे, लेकिन करीब 20 हमलावरों ने अचानक वहां हमला कर दिया। इस घटना में कई लोग घायल हुए थे।
ब्लैकमैन ने सरकार से मांग की कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। Brent Council के एक प्रवक्ता ने कहा कि स्थानीय व्यवसायों को डराना-धमकाना या उनके खिलाफ हिंसा करना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा।
काउंसिल ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास इन घटनाओं से जुड़ी कोई जानकारी या वीडियो फुटेज है तो वह तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराए।
प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
समुदाय की चिंता और आगे की राह
इन घटनाओं ने वेम्बली के भारतीय समुदाय को चिंतित कर दिया है। कई व्यापारियों का कहना है कि वे दशकों से यहां कारोबार कर रहे हैं और पहले कभी इस तरह का माहौल नहीं देखा।
उनका मानना है कि बहुसांस्कृतिक समाज में सभी समुदायों को सुरक्षित महसूस करना चाहिए। इसलिए जरूरी है कि पुलिस और प्रशासन जल्द से जल्द इस मामले की जांच पूरी करे और दोषियों को गिरफ्तार करे।
फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच और सरकार की कार्रवाई पर टिकी हुई है।



