यमुना एक्सप्रेसवे पर दो भीषण सड़क हादसे: छह की मौत, 30 से अधिक घायल
तेज रफ्तार और लापरवाही बनी जानलेवा: मिनी वैन और बस दुर्घटना में कई परिवारों पर टूटा कहर

यमुना एक्सप्रेसवे, उत्तर प्रदेश
🗓️ 19 जुलाई 2025
✍️ रिपोर्टर: न्यूज़ डेस्क, सब तक एक्सप्रेस
यमुना एक्सप्रेसवे पर दो अलग-अलग स्थानों पर हुए भीषण सड़क हादसों में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक यात्री घायल हो गए। दोनों हादसे बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात को हुए, जब एक मिनी वैन और एक स्लीपर बस क्रमशः ट्रकों से टकरा गईं।
पहली घटना माइलस्टोन 140 के पास घटी, जहाँ तेज रफ्तार मिनी वैन एक खड़े ट्रक से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य गंभीर रूप से घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे का कारण संभवतः ड्राइवर को नींद आना बताया जा रहा है।
दूसरा हादसा माइलस्टोन 131 के पास हुआ, जहाँ कानपुर से दिल्ली जा रही एक निजी स्लीपर बस ट्रक से टकराकर पलट गई। इस दुर्घटना में 30 से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें से एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि चार की हालत गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अलीगढ़ और नोएडा के अस्पतालों में रेफर किया गया।
रेस्क्यू टीमों और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दुर्घटनाओं की जानकारी मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे हादसों के पीछे प्रमुख कारणों में तेज रफ्तार, नींद की झपकी और वाहन चालकों की लापरवाही शामिल है। हादसे की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इन दुर्घटनाओं ने एक बार फिर यमुना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी, रेस्ट जोन की अनिवार्यता और रात्रि वाहन चेकिंग की व्यवस्था को और प्रभावी बनाए जाने की जरूरत है, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।