मिडिल ईस्ट में जंग के बीच बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास गिरी मिसाइल, जवाबी हमले की तैयारी में ईरान

ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास मंगलवार शाम एक प्रोजेक्टाइल गिरा, जिससे हड़कंप मच गया। हालांकि, संयंत्र या कर्मचारियों को कोई नुकसान नहीं हुआ।
ईरान के इकलौते परमाणु ऊर्जा संयंत्र बुशहर के ठीक पास मंगलवार शाम को एक प्रोजेक्टाइल गिरने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, प्लांट को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और न ही किसी कर्मचारी को चोट आई।
यह घटना अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग के तीसरे हफ्ते में हुई है। इससे परमाणु दुर्घटना का खतरा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को तुरंत सूचना दी। संयुक्त राष्ट्र की यह न्यूक्लियर वॉचडॉग एजेंसी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा कि ईरान ने बताया है कि मंगलवार शाम को बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट (NPP) के परिसर में एक प्रोजेक्टाइल लगा। एजेंसी ने साफ कहा कि प्लांट या स्टाफ को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
IAEA ने दी चेतावनी
IAEA के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने तुरंत सभी पक्षों से अपील की कि संघर्ष के दौरान ज्यादा से ज्यादा संयम बरतें। उनका कहना था कि परमाणु संयंत्रों के आसपास कोई भी हमला गंभीर परमाणु दुर्घटना का कारण बन सकता है। ईरान की एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन ने भी इस हमले की पुष्टि की। तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि शाम करीब 7 बजे बंदरगाह शहर बुशहर में प्लांट के आसपास यह प्रोजेक्टाइल गिरा।
ईरान के अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि प्लांट के मुख्य हिस्सों या रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। रेडिएशन स्तर पूरी तरह सामान्य बना हुआ है। इस घटना से प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर उठे हैं, लेकिन फिलहाल कोई बड़ी समस्या नहीं बताई गई।
रूस की रोसाटॉम ने हमले की निंदा की
रूस की स्टेट न्यूक्लियर एनर्जी कंपनी रोसाटॉम ने इस हमले की कड़ी निंदा की। कंपनी ने कहा कि बुशहर प्लांट के आसपास रेडिएशन के स्तर पूरी तरह नॉर्मल हैं। प्लांट का निर्माण मूल रूप से 1970 के दशक में जर्मन कंपनी ने शुरू किया था, बाद में रूस ने इसे पूरा किया। रोसाटॉम ने सभी पक्षों से अपील की कि प्लांट के आसपास कोई भी कार्रवाई न की जाए ताकि कोई दुर्घटना न हो।
बुशहर प्लांट ईरान का अकेला सक्रिय न्यूक्लियर पावर प्लांट है, जो फारस की खाड़ी के किनारे स्थित है। यह इलाका सामरिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। घटना के बाद वहां की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
परमाणु सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और इजराइल ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं। तीसरे हफ्ते में पहुंची इस जंग में अब परमाणु सुविधाओं के पास तक हमले हो रहे हैं, जिससे दुनिया भर में चिंता फैल गई है। IAEA लगातार कह रही है कि परमाणु संयंत्रों को संघर्ष से दूर रखना चाहिए।
ईरान ने साफ किया कि प्रोजेक्टाइल प्लांट के परिसर में लगा जरूर, लेकिन महत्वपूर्ण उपकरणों या रिएक्टर बिल्डिंग को कोई नुकसान नहीं हुआ। कोई घायल नहीं हुआ और कोई रेडिएशन लीक की खबर नहीं है। अधिकारियों ने तुरंत जांच शुरू कर दी है।
स्थिति सामान्य, लेकिन तनाव बरकरार
फिलहाल प्लांट पूरी तरह सुरक्षित और चालू है। रेडिएशन मॉनिटरिंग सिस्टम ने कोई असामान्य बदलाव नहीं दिखाया। रोसाटॉम और IAEA दोनों ने पुष्टि की कि स्थिति नियंत्रण में है।



