बाजार सूने, खुले में नमाज पर रोक, 60 साल में पहली बार अल-अक्सा मस्जिद बंद… मिडिल ईस्ट में ईद पर रौनक गायब

मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण ईद का जश्न फीका रहा। ईरान में बाजार सूने रहे, जबकि यूएई, कतर और कुवैत में खुले में नमाज पर रोक लगी।

एक तरफ जहां दुनियाभर में ईद का जश्न मनाया जा रहा है तो वहीं मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग ने इलाके में इस त्योहार को फीका कर दिया है।
ईरान में बाजार सूने पड़े हैं, यूएई, कतर और कुवैत में खुले मैदान में नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी गई और 60 साल में पहली बार इजरायल के यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद को ईद की नमाज के लिए बंद कर दिया गया।
मुसलमानों का तीसरा सबसे पवित्र स्थल अल-अक्सा मस्जिद
1967 में हुए अरब-इजरायल के युद्ध के बाद यह पहला मौका है जब इस मस्जिद को पूरी तरह से बंद किया गया हो। यह मुसलमानों के लिए मक्का-मदीना के बाद तीसरा सबसे बड़ा पवित्र स्थल है। 28 फरवरी से अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले के बाद से इजरायली अधिकारियों ने आम लोगों की एंट्री बंद कर रखी है। सुरक्षा कारणों से सिर्फ वहां रहने वाले या दुकानदार ही अंदर जा सकते हैं।
6 मार्च से पश्चिमी वॉल, अल-अक्सा मस्जिद और चर्च ऑफ द होली सेपल्कर जैसे कई धार्मिक स्थल बंद हैं। पूरे इजरायल में भीड़ पर भी पाबंदी लगाई हुई है। यरुशलम के पुराने शहर के गेट पर शुक्रवार को ईद की नमाज के दौरान सैकड़ों नमाजियों और पुलिस के बीछ झड़प भी हो गई।
ईरान में बाजार सूने
वहीं, ईरान में शुक्रवाद को ईद मनाई गई लेकिन बाजार सूने पड़े रहे। इस बार लोगों ने जंग और तनाव के बीच ईद मनाई और इजरायली हमलों में मारे गए बच्चों को श्रद्धांजलि दी गई। रमजान खत्म होने के बाद देशभर में लोगों ने मस्जिदों और धार्मिक स्थलों पर नमाज अदा की। कई जगहों पर ईद का जश्न बड़ी ही सादगी से मनाया गया।
अन्य इलाकों में कैसे मनाई गई ईद?
ईद के मौके पर यूएई में 4 की छुट्टी का एलान किया गया। बाजार, मॉल और सार्वजनिक जगहों पर सजावट की गई और लोगों की भीड़ भी दिखी। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी थी। वहीं, ईराक में इस बार ईद पर तनाव का माहौल देखने को मिला। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग का असर यहां के लोगों की जिंदगी पर भी हुआ है।



