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ऑर्थोपेडिक सर्जन ने हड्डियों को मजबूत करने और कैल्शियम की कमी को रोकने के लिए 3 कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ बताए

मुंबई, महाराष्ट्र | 27 अप्रैल 2024

कैल्शियम की कमी कई लोगों में आम समस्या बन गई है, जो हड्डियों की कमजोरी, जोड़ों में दर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनती है। अस्पतालों और क्लीनिकों में अक्सर मरीज विटामिन और कैल्शियम सप्लीमेंट्स लेने की सलाह पाते हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं कि महंगे सप्लीमेंट से ही कैल्शियम की कमी पूरी हो। विशेषज्ञों का मानना है कि सही आहार से भी इस कमी को दूर किया जा सकता है।

डॉ. वोरा, जो कि एक अनुभवी ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं, ने बताया कि रोज के आहार में कुछ खास कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल कर हड्डियों को मजबूत बनाया जा सकता है और कैल्शियम की कमी से बचा जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से तीन ऐसे खाद्य पदार्थों पर प्रकाश डाला जिन्हें हर व्यक्ति अपनी दैनिक डाइट में शामिल कर सकता है।

डॉ. वोरा द्वारा सुझाए गए कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ

  • दूध और डेयरी उत्पाद: दूध, दही और पनीर कैल्शियम के प्रमुख स्रोत हैं। इन्हें नियमित रूप से खाने से शरीर को आवश्यक कैल्शियम मिलता है जो हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए जरूरी होता है।
  • हरे पत्तेदार सब्जियां: पालक, मेथी, सरसों के साग जैसी हरी सब्जियां कैल्शियम से भरपूर होती हैं। ये न केवल कैल्शियम प्रदान करती हैं बल्कि विटामिन K और अन्य मिनरल्स भी देती हैं जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं।
  • नट्स और बीज: बादाम, तिल, और सूरजमुखी के बीज में भी काफी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। इन्हें स्नैक्स की तरह या सलाद में मिलाकर आसानी से लिया जा सकता है।

डॉ. वोरा ने जोड़ा कि अपनी दैनिक डाइट में इन खाद्य पदार्थों को शामिल करने के साथ-साथ नियमित व्यायाम और धूप में समय बिताना भी हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है।

कैल्शियम की कमी से बचाव के लिए सस्ते और प्राकृतिक विकल्पों की खोज में यह सुझाव लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। महंगे सप्लीमेंट्स के बजाय रोजाना खाने-पीने की चीजों को समझदारी से चुनकर अच्छे स्वास्थ्य की ओर कदम बढ़ाया जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कैल्शियम की कमी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि यह ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों में कमजोरी जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। इसलिए सही खान-पान के साथ समय-समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

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