🖊️ वरिष्ठ संवाददाता: राम अनुज धर द्विवेदी
शाहगंज (सोनभद्र)। घोरावल तहसील क्षेत्र के कुशहरा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के पंचम दिवस शुक्रवार को यज्ञ मंडप की परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यज्ञाचार्य पं. हरीराम मिश्रा के नेतृत्व में आचार्यों द्वारा विधि-विधान से यज्ञ संपन्न कराया गया।
व्यास पीठ से कथावाचक नैतिक मिश्रा ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन किया। उन्होंने पूतना वध, माखन चोरी, मिट्टी खाने की लीला और माता यशोदा को मुख में संपूर्ण ब्रह्मांड के दर्शन कराने जैसे प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही गोवर्धन पूजा और छप्पन भोग की महिमा भी विस्तार से बताई गई।
कथा व्यास गणेशदेव पांडेय ने नारद मोह प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान ने नारद ऋषि के अहंकार को समाप्त करने के लिए विश्वमोहिनी स्वयंवर की लीला रची। उन्होंने बताया कि भगवान की माया से प्रभावित होकर नारद को बंदर रूप प्राप्त हुआ और अंततः उनका अहंकार नष्ट हुआ। इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए।
इस अवसर पर पूर्व विधायक रमेश दुबे, विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री राजीव कुमार, ग्राम प्रधान पंकज दुबे, उमेशचंद्र पांडेय, अमरीश सिंह, रामानंद पांडेय, नितेश सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



