दक्षिणी दिल्ली को जाम से राहत, कालकाजी और सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर होंगे डबल लेन

दक्षिणी दिल्ली में लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। Kalkaji Mandir और Savitri Cinema के पास स्थित फ्लाईओवरों को अब डबल लेन किया जाएगा। आउटर रिंग रोड पर बनने वाली यह परियोजना आने वाले समय में दक्षिणी दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में यातायात को काफी हद तक सुगम बनाएगी।
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने दोनों फ्लाईओवरों के विस्तार और दूसरी लेन निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। करीब 412 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अगले 24 से 30 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी Gawar Construction को सौंपी गई है।
शुरू हुई मिट्टी जांच और भू-तकनीकी सर्वे
निर्माण कार्य शुरू करने से पहले एजेंसी की ओर से स्वायल टेस्टिंग और भू-तकनीकी सर्वे कराया जा रहा है। इसके तहत गहरे बोरहोल खोदकर मिट्टी के नमूने लिए जा रहे हैं, ताकि फ्लाईओवर की मजबूत और सुरक्षित नींव तैयार की जा सके।
तकनीकी टीम के अनुसार, कुछ स्थानों पर जमीन पथरीली है तो कुछ हिस्सों में रेतीली मिट्टी पाई गई है। ऐसे में दोनों परिस्थितियों के हिसाब से अलग-अलग इंजीनियरिंग डिजाइन तैयार किए जाएंगे। फिलहाल सैंपल लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद निर्माण कार्य तेज कर दिया जाएगा।
क्यों जरूरी था फ्लाईओवर को डबल करना?
वर्तमान में आउटर रिंग रोड पर सावित्री सिनेमा और कालकाजी के पास बने फ्लाईओवर केवल एक दिशा में यातायात संभालते हैं। इससे दूसरी दिशा में आने-जाने वाले वाहन सड़क स्तर पर भारी जाम में फंस जाते हैं।
सावित्री सिनेमा के पास फिलहाल मोदी मिल से चिराग दिल्ली जाने के लिए फ्लाईओवर मौजूद है, लेकिन चिराग दिल्ली से मोदी मिल की ओर आने वाले वाहनों के लिए कोई समानांतर फ्लाईओवर नहीं है। यही स्थिति कालकाजी क्षेत्र में भी देखने को मिलती है, जहां नेहरू प्लेस से मोदी मिल की तरफ आने वाले वाहन सुबह और शाम के समय लंबी कतारों में फंस जाते हैं।
स्थानीय लोगों की मांग थी कि इन दोनों प्वाइंट्स पर दूसरी लेन बनाई जाए। बताया जा रहा है कि पिछले करीब 15 वर्षों से इस परियोजना की मांग उठती रही है।
कई इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा
परियोजना के तहत कालकाजी फ्लाईओवर को मोदी मिल रेलवे फ्लाईओवर से भी जोड़ा जाएगा। इसके पूरा होने के बाद Nehru Place, Greater Kailash, Chittaranjan Park, Chirag Delhi और कालकाजी समेत आसपास के कई इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है।
दिल्ली सरकार इस परियोजना को केंद्रीय सड़क निधि (CRF) से मिले बजट के तहत पूरा करेगी। अप्रैल 2025 में इस योजना को औपचारिक मंजूरी मिल चुकी थी। अब शुरुआती तकनीकी प्रक्रिया शुरू होने के साथ माना जा रहा है कि दक्षिणी दिल्ली की यातायात व्यवस्था में आने वाले वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।



