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अरसवली सूर्य मंदिर भारत के प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में शामिल होगा: राममोहन नायडू

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने 5 अक्टूबर 2026 को अरसवली के श्री सूर्यनारायण स्वामी मंदिर का दौरा किया और कहा कि इसे स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत ₹55.74 करोड़ की विकास राशि मिलने के बाद यह देश के प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में से एक बन जाएगा। यह मंदिर श्रीकाकुलम से लगभग 2 किमी दूर स्थित है।

मंदिर विकास योजना पर चर्चा

राममोहन नायडू ने योजना के तहत पर्यटन मंत्रालय द्वारा मंदिर में सौर अनुभव केंद्र, सूर्य डेक पर गुंबद जैसी संरचना, रेस्तरां, खरीदारी केंद्र और अतिरिक्त सुविधाओं का विकास करने की बात कही। उन्होंने कलेक्टर स्वप्निल दिनकर पुनडकर की प्रशंसा की, जिन्होंने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर मंत्रालय को निधि मंजूर करवाने में मदद की। स्वदेश दर्शन योजना में देशभर के 57 स्थलों को चुना गया है, जिनमें से 17 को फंड दिया गया है।

मंत्री ने बताया कि भोगपुरम में बन रहे अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के सुचारू होने से देश विदेश से हजारों श्रद्धालु इस मंदिर के दर्शन करने आएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सरकार के वरिष्ठ अधिकारी जल्द आने वाली बैठक में योजना को बेहतर तरीके से लागू करने के सुझाव देंगे।

अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

अरसवली सूर्यनारायण स्वामी मंदिर ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। इसका विकास न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगा। इस परियोजना से मंदिर का आध्यात्मिक स्वरूप भी संवर्धित होगा।

मंत्री राममोहन नायडू ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पुजारियों और अधिकारियों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने कहा कि समग्र विकास के लिए स्थानीय समुदाय की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने विकास कार्यों की कुशल निगरानी भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर स्वप्निल दिनकर पुनडकर ने कहा कि परियोजना से न केवल मंदिर की संरक्षित छवि में सुधार होगा बल्कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने स्वदेश दर्शन योजना के माध्यम से इसके प्रबल पर्यटन केंद्र के रूप में उभार को लेकर आशावाद व्यक्त किया।

इस विकास योजना के अंतर्गत मंदिर परिसर की सौंदर्यीकरण, निष्पादन की गुणवत्ता, और पर्यावरण संरक्षण के दिशानिर्देशों का भी ध्यान रखा जाएगा। पर्यटन मंत्रालय का लक्ष्य है कि इसे एक विश्व स्तरीय मंदिर-पर्यटन स्थल बनाया जाए जहां श्रद्धालु और पर्यटक सालभर आ सकें।

अरसवली मंदिर का विकास न केवल धार्मिक आस्थाओं को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी नई गति देगा। आने वाले समय में इसके सफल कार्यान्वयन से यह मंदिर भारत के प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में मान्यता प्राप्त करेगा।

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