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राहुल गांधी ने कहा RSS एक पुरुषों का संगठन, मैं शिव-शक्ति में विश्वास करता हूं

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में महिलाएं उनके खिलाफ चल रही राजनीतिक लड़ाई में उनका समर्थन करती हैं। उन्होंने RSS को एक “पुरुषप्रधान और संवैधानिक विरोधी संप्रदाय” करार दिया।

राहुल गांधी की RSS पर तीखी टिप्पणी

राहुल गांधी ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “RSS एक ऐसा संगठन है जो महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति मानता है। मैं शिव-शक्ति में विश्वास करता हूं। इसलिए मुझे उनसे लड़ाई लड़ने में खुशी होती है। खास बात ये है कि उनकी काफी महिलाएं मेरी तरफ हैं।” यह बयान कांग्रेस नेता के RSS के खिलाफ लगातार तेज होते हमलों की एक कड़ी है।

उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत सहित शीर्ष नेताओं को भी राजनीतिक माहौल में ‘विलेन’ बताया है। गांधी ने कहा कि वे नरेंद्र मोदी और RSS के खिलाफ दशकों से लड़ रहे हैं। उन्होंने मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, ज्ञानेश कुमार और अजित डोभाल को इस कहानी के ‘खंडित’ पात्र कहा।

राजनीतिक तनाव और महिलाओं पर हमले की निंदा

10 अक्टूबर को राहुल गांधी ने विशेष तीव्र संशोधन (SIR) के दौरान महिलाओं और युवाओं पर RSS के हमलों की आलोचना की। उन्होंने दिल्ली पुलिस और RSS-BJP के कार्यकर्ताओं पर महिलाओं और युवाओं के खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “अमित शाह की दिल्ली पुलिस गुंडागर्दी में डूब चुकी है और वह वास्तविक RSS-BJP गुंडों को महिलाओं और युवाओं पर हिंसा करने की छूट दे रही है।”

गांधी ने प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया कि वे अपना आन्दोलन जारी रखें। उन्होंने कहा, “हम सभी को गिरफ्तार कर लें, हम आपको चारों तरफ से घेर रहे हैं और पीछे नहीं हटेंगे। हमारी जानकारी पूरी है, हम संविधान की रक्षा करेंगे।”

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने नागपुर के रेशिमबाग मैदान में अपने शताब्दी वर्ष के समापन के अवसर पर विजयादशमी समारोह आयोजित किए। यह राजनीतिक хэлचाल के बीच उनके लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन था।

राजनीतिक विशेषज्ञ इसे कांग्रेस के अंदर RSS के खिलाफ बढ़ती मोर्चेबंदी के रूप में देखते हैं, जिसमें राहुल गांधी ने संघ के संगठनात्मक ढांचे और उनके विचारधारा पर सवाल उठाए हैं। यह बयान आगामी राजनीतिक लड़ाइयों के लिए संकेत माना जा रहा है।

कुल मिलाकर राहुल गांधी ने RSS की विचारधारा और उनके संगठन को महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ बताया है और अपनी राजनीतिक जंग में महिलाओं के समर्थन को अहम बताया है। यह बयान भारतीय राजनीति में एक नए बहस का विषय बन गया है।

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