पिलीभित सदर में 16,554 वोटों में हेरफेर का आरोप, यूपी कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट से की हस्तक्षेप की मांग

उत्तर प्रदेश की कांग्रेस इकाई ने पिलीभित सदर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सूची में व्यापक अनियमितताओं का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने दावा किया है कि मतदाताओं के नाम और इलेक्ट्रॉनिक फोटो पहचान पत्र (EPIC) नंबर में व्यवस्थित तरीके से बदलाव किए गए हैं। पार्टी ने इस संदर्भ में मिली जानकारी को सार्वजनिक करते हुए इस मामले की सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है।
मतदाता सूची में कथित बदलाव
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि 10 अप्रैल को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची के बाद संशोधन प्रक्रिया चालू थी। लेकिन पिलीभित सदर क्षेत्र में जुलाई से सितंबर के बीच 13,150 मतदाताओं के नाम बदले गए जबकि उनके EPIC और क्रमांक अक्षुण्ण रहे। वहीं, 804 सही मतदाताओं के नाम हटा दिए गए और 2,600 नए नाम जो इस क्षेत्र के निवासी नहीं हैं, जोड़े गए।
गौतम ने बताया कि कुल 16,554 वोट इस कथित हेरफेर से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी जल्द ही शिकायत की सूची चुनाव आयोग के सामने रखेगी। उन्होंने इसे लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया की अखंडता पर गंभीर प्रहार बताया।
सुप्रीम कोर्ट से तत्काल कदम की अपील
कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रिनाथ ने इस मामले में तकनीकी पहलुओं पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यह आम मानवीय गलती नहीं बल्कि सॉफ्टवेयर के जरिए स्वचालित हेरफेर प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों के पास इस सॉफ्टवेयर का नियंत्रण नहीं है, जिससे संदेह और बढ़ता है।
स्रोतों के अनुसार, जिला और उप जिला अधिकारी चुनावी सॉफ्टवेयर तक पहुंच नहीं रखते हैं, जबकि सॉफ्टवेयर प्रबंधन मुख्य रूप से निर्वाचन आयोग की तकनीकी प्रमुख सीमा खन्ना के नियंत्रण में है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नामों में बदलाव बिना उचित जांच के हुआ है।
पिलीभित सदर के वर्तमान विधायक संजय गोस्वामी ने 2022 के चुनाव में मात्र 6,930 वोटों से जीत हासिल की थी। श्रिनाथ ने कहा कि अधिकतम 16,000 वोट प्रभावित किए गए हैं, जो जीत के अंतर से दोगुने से भी ज्यादा है, जो चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाता है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अराधना मिश्रा ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाना गैरकानूनी और असंवैधानिक है। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी प्रदेश के 75 जिलों में बूथ स्तर पर चुनावी सूची का खुद सत्यापन करेगी।
कांग्रेस ने पहचान विवरण सत्यापित करने के लिए लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कोई विसंगति दिखाई दे तो वे पार्टी के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। साथ ही, जिला और उपजिला अधिकारियों से भी जिम्मेदारी लेने और सार्वजनिक रूप से बदलाव के आधिकारिक कारण बताने का आग्रह किया गया है।
इस संबंध में चुनाव आयोग से प्रतिक्रिया अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। यदि कोई जवाब मिलता है तो उसे अपडेट किया जाएगा। इस मामले की जांच और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतंत्र की रक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।




