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कर्नाटक काउंसिल चुनाव में BJP-JD(S) गठबंधन और कांग्रेस की ताकत की होगी जांच

कर्नाटक के चार विधान परिषद क्षेत्रों के लिए 23 अक्टूबर को चुनाव होंगे, जो BJP-JD(S) गठबंधन की एकजुटता और कांग्रेस की स्थिति की चुनौती साबित होंगे। यह चुनाव शिक्षकों और स्नातकों के बीच हो रहे हैं, जहां कांग्रेस के अंदर भी मतभेद चल रहे हैं। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक 17 जिलों में होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।

मुख्य चुनावी क्षेत्र और उम्मीदवार

चुनाव में दक्षिण-पूर्व स्नातक, पश्चिम स्नातक, उत्तर-पूर्व शिक्षक और बेंगलुरु शिक्षक क्षेत्र शामिल हैं। BJP ने पहले तीन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे हैं जबकि JD(S) ने गठबंधन के तहत बेंगलुरु शिक्षक क्षेत्र से चुनाव लड़ना तय किया है।

BJP इस चुनाव में तीन सीटों को बरकरार रखने और JD(S) की मदद से कांग्रेस से बेंगलुरु शिक्षक सीट जीतने की कोशिश में है। इससे पहले Puttanna, जो JD(S) छोड़कर कांग्रेस में आए थे, इस बार JD(S) के A.P. Ranganath के सामने हैं। दोनों उम्मीदवार वोक्कालिगा समुदाय से हैं।

चुनाव का राजनीतिक महत्व

BJP और JD(S) गठबंधन का मकसद सभी चार सीटें जीतकर 75 सदस्यीय विधान परिषद में अपनी स्थिति मजबूत करना है। दोनों दलों ने व्यापक प्रचार-प्रसार किया है, खासकर कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार और वित्तीय प्रबंधन की आलोचना करते हुए।

वहीं कांग्रेस ने भी समय से उम्मीदवारों की घोषणा कर प्रचार शुरू किया है, ताकि कम से कम अपनी एक सीट को बरकरार रख सके और अन्य क्षेत्र में बढ़त बनाने की कोशिश कर सके। हालांकि इस चुनाव का सरकार की स्थिरता पर कोई सीधा असर नहीं होगा, लेकिन गठबंधन की जीत को विपक्ष सरकार के खिलाफ जनादेश के रूप में प्रस्तुत कर सकता है।

उम्मीदवारों की व्यक्तिगत छवि का प्रभाव

विशेषज्ञ मानते हैं कि स्नातक और शिक्षक क्षेत्रों के चुनाव में उम्मीदवारों की व्यक्तिगत स्वीकार्यता, वोटर्स के साथ नेटवर्किंग और समय से पंजीकरण की प्रक्रिया निर्णायक होती है। दक्षिण-पूर्व स्नातक क्षेत्र में BJP के K.M. Suresh और कांग्रेस के Shashi Hulikuntemath आमने-सामने हैं।

पश्चिम स्नातक क्षेत्र में BJP के मौजूदा MLC S.V. Sankanur अपनी तिहरे जीत की उम्मीद लगा रहे हैं, वहीं कांग्रेस के Mohan Limbikai उनके प्रतिद्वंदी हैं। उत्तर-पूर्व शिक्षक क्षेत्र में BJP के Shashil G. Namoshi और कांग्रेस के Sharanappa Mattur का मुकाबला है।

अभिनेता और राजनीतिक चुनौतियां

कांग्रेस की चुनावी मुहिम कुछ विवादों के बीच चल रही है, जिसमें कथित स्टिंग ऑपरेशन, KPSC भर्तियों में घोटाले और पार्टी नेतृत्व में तनाव शामिल हैं। इसके बावजूद कांग्रेस में एकजुटता बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

मुख्यमंत्री D.K. Shivakumar और KPCC कार्यकारी अध्यक्ष B.K. Hariprasad विभिन्न क्षेत्रों में प्रचार कर रहे हैं, और कई मंत्री व वरिष्ठ नेता भी अलग-अलग इलाकों में पार्टी के समर्थन में लगे हुए हैं।

इस चुनाव परिणाम से BJP के राज्य अध्यक्ष B.Y. Vijayendra के नेतृत्व का भी आकलन होगा, क्योंकि उन्होंने राज्य सरकार के भ्रष्टाचार और वित्तीय प्रबंधन पर चुनाव के दौरान जोर दिया है। वर्तमान में कांग्रेस 75 सदस्यीय विधान परिषद में 38 सदस्य रखती है, जबकि पाँच सरकारी नामांकन की सीटें खाली हैं।

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