
सब तक एक्सप्रेस, नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय रेलवे सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस को श्रद्धापूर्वक मनाने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं और बलिदानों से परिचित कराना है, जिन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा हेतु सर्वोच्च बलिदान दिया।
नई दिल्ली स्थित रेल भवन में शुक्रवार को आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह ने कहा कि रेलवे इस ऐतिहासिक अवसर पर सिख संस्थाओं के सभी बहुमूल्य सुझावों का स्वागत करता है। उन्होंने इसे भारतीय रेलवे और सिख समुदाय के बीच एक ऐतिहासिक सहयोग बताया।
बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए जिनमें –
- देशभर के रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में गुरु तेग बहादुर जी की साखियों और श्लोकों का प्रदर्शन।
- शताब्दी वर्ष के दौरान विशेष स्मृति रेलगाड़ियों का संचालन।
- हरियाणा, पटना और हजूर साहिब स्टेशनों पर पंजाबी भाषा में साइनबोर्ड।
- सचखंड एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में स्वच्छता व स्वास्थ्य सुविधाओं का उन्नयन।
- प्रमुख सिख तीर्थ स्थलों तक कनेक्टिविटी में सुधार एवं दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम “गुरु तेग बहादुर रेलवे स्टेशन” करने का प्रस्ताव।
- पटना साहिब स्टेशन पर आधुनिक ढांचा, लिफ्ट व एस्केलेटर की व्यवस्था और तख्तों को जोड़ने वाली विशेष ट्रेनों की योजना।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री सतीश कुमार ने भरोसा दिलाया कि भारतीय रेलवे सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगा और शताब्दी समारोह को सफल बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
बैठक में प्रमुख सिख प्रतिनिधियों में सरदार मंजींदर सिंह सिरसा, सरदार गुरचरण ग्रेवाल, सरदार जगजोत सिंह सोही, सरदार जगदीश सिंह झिंडा, डॉ. विजय सतबीर सिंह, सरदार तरलोचन सिंह और सरदार विक्रमजीत सिंह साहनी शामिल रहे।
रेलवे की ओर से श्री नवीन गुलाटी (सदस्य इन्फ्रास्ट्रक्चर), श्री हितेन्द्र मल्होत्रा (सदस्य ऑपरेशन्स एंड बिजनेस डेवलपमेंट), श्री अशोक कुमार वर्मा (महाप्रबंधक, उत्तरी रेलवे), श्री संजय कुमार जैन (अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, आईआरसीटीसी) और श्री धनंजय सिंह (कार्यकारी निदेशक, रेल मंत्रालय) सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।