कांग्रेस ने पीएम मोदी पर किया हमला, कहा जhola उठाने का समय नजदीक

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर कड़ा प्रहार किया है और कहा कि वे परेशान और हताश दिख रहे हैं, उनका “झोला उठाने का समय” जल्द आ रहा है।
पीएम मोदी के बयान पर विपक्ष का हमला
8 नवंबर को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ ‘दिमागी नक्सल’ कहने के बाद प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में दीपावली के मौके पर सुरक्षा अधिकारियों के साथ सामरिक ड्रेस में रहते हुए यह टिप्पणी की। मोदी ने कहा कि हथियारबंद नक्सली समाप्त हो गए हैं लेकिन उनकी विचारधारा के समर्थक विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों में घुसपैठ कर रहे हैं।
मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर देश को सुरक्षित करना जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने नक्सल समर्थन और अलगाववादियों के वित्तपोषण पर बड़ा प्रहार किया है। यह सफलता देश की मजबूत राजनीतिक इच्छा शक्ति और नीति का परिणाम है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया और उद्धरण
कांग्रेस के महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने मोदी की इस बात की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने दीपावली जैसे शुभ अवसर पर भी अपनी “पहचान बनी गाली” जारी रखी है और गैरराजनीतिक अवसर को राजनीतिक हमला बनाने की कोशिश की है।
रमेश ने याद दिलाया कि मोदी ने 28 अप्रैल 2024 को जाति जनगणना मांगने वालों को ‘शहरी नक्सल’ कहा था, लेकिन 30 अप्रैल 2025 को उन्होंने Census 2027 के हिस्से के रूप में जाति जनगणना कराने की घोषणा की। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी ने सितंबर 2020 में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन करने वालों को नक्सल विचारधारा के समर्थक कहा था लेकिन नवंबर 2021 में उन कानूनों को वापस लेना पड़ा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री परेशान, अस्थिर और हताश दिख रहे हैं और “झोला उठाने का समय तेजी से करीब आ रहा है।”
मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में भी ‘दिमागी नक्सल’ का उल्लेख किया था, जहां उन्होंने कहा था कि हथियार बंद नक्सलवाद समाप्त हो चुका है, लेकिन उसकी विचारधारा के लोग हिंसा को बढ़ावा देने की कोशिश में लगे हुए हैं।
पीएम मोदी का यह बयान और कांग्रेस की प्रतिक्रिया राजनीतिक गर्माहट और चुनावी माहौल को और अधिक तीव्र बनाएगी। अब यह देखना बाकी है कि राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
इस बीच, सुरक्षा बलों के बीच दीपावली मनाने का यह सिलसिला प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार बनाए रखा है, जो देश की बहादुर सेना के सम्मान और मनोबल को दर्शाता है।




